24 जून 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

6 सांसदों के शिवसेना में शामिल होने के बाद अब ओम बिरला से मिलेंगे उद्धव गुट के सांसद, स्पीकर के सामने रखेंगे अपनी मांग

Shiv Sena UBT के 6 सांसदों के शिंदे गुट में जाने के बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने ठाकरे गुट के नेताओं को शाम 5 बजे बैठक के लिए बुलाया।
2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Ankit Sai

Jun 24, 2026

UBT

लोकसभा स्पीकर से मिलेगा उद्धव गुट (ANI Photo)

Speaker Om Birla Met With Six MPs: महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना को लेकर चल रही लड़ाई एक बार फिर तेज हो गई है। उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना यूबीटी के 6 सांसद एकनाथ शिंदे के गुट में शामिल हो गए है। वहीं अब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को शिवसेना (UBT) नेताओं को शाम 5 बजे मुलाकात के लिए बुलाया है। उद्धव गुट के सांसद अरविंद सावंत और अनिल देसाई स्पीकर से मिलकर हालिया घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखेंगे।

ठाकरे गुट की कोशिश है कि शिंदे गुट में शामिल हुए सांसदों को अलग गुट के रूप में मान्यता न दी जाए। इसके लिए दोनों नेता लोकसभा अध्यक्ष के सामने अपनी दलील पेश करेंगे।

6 सांसदों के जाने से बढ़ा विवाद

यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब शिवसेना के 6 सांसदों ने सोमवार को आधिकारिक रूप से एकनाथ शिंदे की शिवसेना का दामन थाम लिया। इन सांसदों में संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, ओमप्रकाश भूपालसिंह निंबालकर, संजय दीना पाटील, संजय उत्तमराव देशमुख और नागेश बापूराव पाटील अष्टिकर शामिल हैं। इन सांसदों के शिंदे गुट में जाने को शिवसेना ने ऑपरेशन टाइगर की सफलता बताया। वहीं उद्धव ठाकरे गुट के लिए इसे बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

संजय राउत ने साधा निशाना

सांसदों के दल बदलने के बाद शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने शिंदे गुट पर हमला बोला। उन्होंने महाराष्ट्र के गद्दारों के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की बात कही। संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ना थके कभी जोड़ी, ना कभी हिम्मत हारी है। लड़ना है महाराष्ट्र के गद्दारों के ख़िलाफ़, हौसला है बुलंद, सफ़र जारी है। जय महाराष्ट्र, जय भवानी, जय शिवाजी इस पोस्ट के साथ उन्होंने अपनी एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें वह हाथ में बंदूक लिए नजर आए।

शिंदे गुट ने बताया अलग कारण

दूसरी तरफ शिंदे गुट में शामिल हुए सांसदों ने अपने फैसले के पीछे फंड की कमी को वजह बताया है। उनका कहना है कि क्षेत्र में काम करने और जनता तक पहुंच बनाने के लिए संसाधनों की जरूरत होती है। शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने इस पूरे घटनाक्रम को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व का परिणाम बताया।

उन्होंने संजय राउत पर पार्टी को कमजोर करने का आरोप लगाया। नरेश म्हस्के ने कहा, 'यह एकनाथ शिंदे की मेहनत और लोगों के भरोसे का नतीजा है। पार्टी उनके नेतृत्व में आगे बढ़ रही है और यही विश्वास लोगों को हमारी ओर ला रहा है, 6 सांसद पहले ही हमारे साथ आ चुके हैं और बाकी भी हमारे साथ आएंगे।