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Zomato: जौमैटो पर लगा इतने सौ करोड़ का टैक्स, कंपनी बोली- नहीं दे देंगे

Zomato: ऑनलाइन फूड डिलीवरी फर्म ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया है कि उसे जीएसटी की धारा 74(1) के तहत कारण बताओ नोटिस मिला है।
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नई दिल्ली

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Prashant Tiwari

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Updated: 28 Dec 2023, 1:18 PM IST

  Tax of Rs 402 crore imposed on Zomato company said will not be able to pay


फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो को 402 करोड़ रुपये का टैक्स नोटिस मिला है। ऑनलाइन फूड डिलीवरी फर्म ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया है कि उसे जीएसटी की धारा 74(1) के तहत कारण बताओ नोटिस मिला है। जोमैटो ने कहा कि कारण बताओ नोटिस में कंपनी को यह बताना होगा कि 29 अक्टूबर, 2019 से 31 मार्च, 2022 की अवधि के लिए ब्याज और जुर्माने के साथ 401.70 करोड़ रुपये की कथित टैक्स देनदारी की मांग क्यों न की जाए। जोमैटो ने कहा कि वह कारण बताओ नोटिस का उचित जवाब दाखिल करेगा। नोटिस मिलने के बाद गुरुवार सुबह जोमैटो के शेयर में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ गई।

डीजीजीआई ने थमाया नोटिस

जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (डीजीजीआई) ने पिछले महीने ज़ोमैटो और उसके प्रतिद्वंद्वी स्विगी को एक डिमांड नोटिस जारी किया था, जिसमें उन्हें क्रमशः 400 करोड़ रुपए और 350 करोड़ रुपए से अधिक का पेंडिंग बकाया भुगतान करने के लिए कहा गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जोमैटो को कारण बताओ नोटिस 29 अक्टूबर, 2019 से 31 मार्च, 2022 के बीच की अवधि के लिए है।

कंपनी बोली- नहीं देंगे पैसे

जीएसटी इंटेलिजेंस की तरफ से 402 करोड़ का नोटिस मिलने के बाद जोमैटो ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि वो जीएसटी इंटेलिजेंस को पैसे नहीं देगी। क्योंकि डिलीवरी चार्जेज डिलीवरी पार्टनर्स की ओर से कंपनी द्वारा एकत्र किया जाता है। जोमैटो ने कहा कि नियमों और शर्तों के मद्देनजर डिलीवरी पार्टनर्स ने कस्टमर्स को डिलीवरी सेवाएं प्रदान की हैं, न कि कंपनी को। कंपनी कारण बताओ नोटिस (एससीएन) का उचित जवाब दाखिल करेगी।

पिछले महीने मिला था नोटिस

ज़ोमैटो और स्विगी के अनुसार, 'डिलीवरी चार्ज' कुछ और नहीं बल्कि डिलीवरी पार्टनर्स द्वारा वहन की जाने वाली लागत है जो घर-घर खाना पहुंचाने जाते हैं। ज़ोमैटो ने पहले ही अपना प्लेटफ़ॉर्म शुल्क शुरुआती 2 रुपए से बढ़ाकर 3 रुपए प्रति ऑर्डर कर दिया था। बता दें कि पिछले महीने जोमैटो और स्विगी को डिलीवरी चार्ज पर जीएसटी नोटिस मिला था।

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