
principal Roopa Reddy (Photo- X @Shika_Reddy)
हैदराबाद। तेलंगाना के नलगोंडा जिले में स्कूल प्रिंसिपल रूपा रेड्डी की हत्या के मामले ने पुलिस ने 16 साल के दो छात्रों को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक हत्या से कुछ देर पहले प्रिंसिपल अपनी मौसी से फोन पर बात कर रही थीं। बातचीत के दौरान उन्होंने 'बाबू' शब्द का इस्तेमाल किया था। तेलंगाना में यह शब्द लड़कों या युवाओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है। बातचीत खत्म होने के तुरंत बाद उनका फोन बंद हो गया। यही 'बाबू' शब्द पुलिस के लिए अहम सुराग बन गया।
प्रिंसिपल रूपा की 11 अगस्त को उनके घर में घुसकर चाकू से ताबड़तोड़ 27 वार कर हत्या कर दी गई थी। जांच के दौरान पुलिस को सबसे बड़ा सुराग मृतका की अपनी चाची से हुई आखिरी फोन कॉल से मिला। फोन कटने से ठीक पहले रूपा ने 'बाबू' शब्द कहा था। अक्सर छात्रों को बुलाने के लिए 'बाबू' कहकर संबोधित किया जाता है। इसी शब्द से पुलिस की सुई स्कूल के छात्रों की तरफ घूमी।
पुलिस टीम ने जब जांच आगे बढ़ाई तो सामने आया कि 10वीं के दो छात्र अचानक बेहिसाब पैसा उड़ा रहे हैं और दोस्तों के साथ पार्टियां कर रहे हैं। शक गहराने पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया। एक छात्र के पास से 1.51 लाख रुपए नकद और एक आईफोन बरामद हुआ। पहले उसने पैसों को परिजनों का बताया, लेकिन फॉरेंसिक जांच में नोटों पर इंसान के खून के निशान मिले।
नलगोंडा के पुलिस अधीक्षक शरत चंद्र पवार ने बताया कि आरोपी छात्र महंगे शौक और शराब पीने का आदी था। हत्या से 15 दिन पहले प्रिंसिपल रूपा ने उसे स्कूल में बैग में मोबाइल व नकदी लाने पर फटकार लगाई थी और हॉस्टल से निकाल दिया था। बदला लेने और स्कूल फीस का पैसा लूटने की नीयत से आरोपी ने दोस्त के साथ मिलकर 5 दिन पहले साजिश रची। दस्ताने-चाकू खरीदे और सीसीटीवी कैमरों की रेकी की।
एक छात्र घर की दीवार फांदकर घुसा और दूसरा बाहर रेकी करता रहा। चोरी के दौरान रूपा ने छात्र को देख लिया। पहचान उजागर होने के डर से आरोपी ने उन पर चाकू से 27 वार किए और करीब 2.5 लाख रुपए समेटकर फरार हो गया। पुलिस ने खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए हैं।
Updated on:
20 Aug 2026 10:40 am
Published on:
20 Aug 2026 10:40 am
