
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने शुक्रवार को कहा कि फसल ऋण माफी पर मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी का 'झूठ' एक बार फिर उजागर हो गया है। केटी रामा राव ने दावा किया कि कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव के बयान ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मुख्यमंत्री द्वारा फसल ऋण माफी योजना के 100 प्रतिशत लागू करने के दावे झूठे हैं। रामा राव ने कहा कि कृषि मंत्री का यह बयान है कि 20 लाख किसानों का ऋण अभी माफ नहीं किया गया है, उनका यह बयान मुख्यमंत्री की ओर से फैलाए जा रहे 'झूठ' को उजागर करता है।
बीआरएस नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने ऋण माफी योजना को पूरी तरह लागू न करके किसानों के साथ विश्वासघात किया है। केटी रामा राव (केटीआर) ने याद दिलाया कि कांग्रेस ने 9 दिसंबर 2023 को एकमुश्त 2 लाख रुपये तक के फसली ऋण माफ करने का वादा किया था, लेकिन 10 महीने बाद भी 20 लाख किसानों का ऋण माफ नहीं किया गया है। यदि आधिकारिक आंकड़ा 20 लाख है, तो कोई भी कल्पना कर सकता है कि कितने किसानों का ऋण माफ किया जाना बाकी है। उन्होंने कहा कि सरकार न केवल सभी किसानों का ऋण माफ करने में विफल रही है, बल्कि उसने ऋतु बंधु योजना के तहत किसानों को वित्तीय सहायता भी नहीं दी है।
बता दें कि नागेश्वर राव ने गुरुवार को कहा था कि 65.56 लाख किसानों में से 42 लाख ने बैंकों से फसल ऋण लिया था। इनमें से 22 लाख ने ऋण माफी का लाभ उठाया है और बाकी को भी जल्द ही इसका लाभ दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि पिछली बीआरएस सरकार ने केवल 20 लाख किसानों का ऋण माफ किया था, वह भी अपने पहले कार्यकाल के अंतिम वर्ष 2018 में।
कांग्रेस सरकार ने कहा है कि उन्होंने 22 लाख किसानों के बैंक खातों में 18,000 करोड़ रुपये जमा किए हैं ताकि उनके 2 लाख रुपये तक के ऋण माफ किए जा सकें। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 17 सितंबर को कहा था कि कुछ कठिनाइयां और चुनौतियां हैं, लेकिन उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि हर पात्र किसान का कर्ज माफ किया जाएगा।
Updated on:
04 Oct 2024 02:44 pm
Published on:
04 Oct 2024 02:38 pm
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