
ऋतब्रत बनर्जी(फोटो-ANI)
TMC: तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित किए हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल प्लेयर’ चुनाव चिन्ह मिला है। वहीं पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘एनवेलप’ (लिफाफा) चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है। चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उनकी ओर से तीन नाम सुझाए गए थे, जिनमें से चुनाव आयोग ने ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ को मंजूरी दी। वहीं चुनाव चिन्ह के मामले में उनके गुट को पहली पसंद मिली।
पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चुनाव आयोग के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि गुट के भीतर फैसले मिलकर लिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी टीम ने फैसले के तुरंत बाद लोगों से संपर्क करना शुरू कर दिया था और अगली सुबह वर्चुअल बैठक भी हुई। ऋतब्रत बनर्जी के मुताबिक, उनके गुट ने चुनाव आयोग के सामने तीन नाम रखे थे। इनमें ‘नेशनलिस्ट तृणमूल कांग्रेस’, ‘वेस्ट बंगाल तृणमूल कांग्रेस’ और ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ शामिल थे। चुनाव आयोग ने पहले दो नामों को स्वीकार नहीं करने की वजह बताई और तीसरे नाम को मंजूरी दी। ऋतब्रत ने कहा कि चुनाव चिन्ह के मामले में उनके गुट को अपनी पहली पसंद मिल गई है। हालांकि, चुनाव आयोग के फैसले पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि आयोग की समझदारी पर टिप्पणी करना उनका काम नहीं है।
ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को दिए गए नाम ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह नाम ऐसी पार्टी की प्रकृति को दिखाता है, जो किसी एक व्यक्ति के प्रभाव से चलती है। उन्होंने राजनीति में ‘प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों’ और ‘वंशवादी उत्तराधिकारियों’ जैसी अवधारणाओं पर भी सवाल उठाए। ऋतब्रत ने कहा कि राजनीतिक व्यवस्था में किसी तरह का मालिकाना हक नहीं होता।
चुनाव आयोग के फैसले के बाद TMC विवाद में दोनों गुटों की अलग पहचान तय हो गई है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और ‘फुटबॉल प्लेयर’ चुनाव चिन्ह दिया गया है। दूसरी ओर, ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट का नाम ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ रखा गया है और उसे ‘एनवेलप’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है। दोनों गुट मूल पार्टी के नाम और पुराने चुनाव चिन्ह पर अपना दावा कर रहे थे।
Updated on:
18 Sept 2026 03:26 pm
Published on:
18 Sept 2026 03:13 pm
