
ट्विशा शर्मा मौ केस में सुप्रीम कोर्ट ने लिा संज्ञान (Photo-IANS)
Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा की मौत का मामला पिछले कुछ दिनों से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। ट्विशा का परिवार इस मामले में जांच, पोस्टमार्टम और प्रशासन की कार्रवाई पर लगातार सवाल उठा रहा है और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान ले लिया है। परिवार के वकील अंकुर पांडे का कहना है कि जांच में पक्षपात और प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के आरोपों को सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। इस मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी।
अंकुर पांडे ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले के दो जरूरी पहलुओं पर ध्यान दिया है। पहला जांच और मामले से जुड़े संस्थानों पर लगे पक्षपात के आरोप और दूसरा जांच व कानूनी प्रक्रिया में सामने आई कथित गड़बड़ियों पर। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के स्वतः संज्ञान लेने से उम्मीद बढ़ी है कि मामले की हर पहलू से गहराई से जांच होगी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सुनवाई होने से जांच से जुड़े सभी पक्षों की भूमिका पर निष्पक्ष तरीके से नजर डाली जा सकेगी। अगर जांच के दौरान कहीं कोई लापरवाही, गड़बड़ी या नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए ट्विशा के चाचा लोकेश शर्मा ने कहा कि परिवार को अब न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे और अब उन्हें भरोसा है कि अब सच सामने आएगा। उन्होंने कहा कि अदालत के हस्तक्षेप से परिवार को बड़ी राहत मिली है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद जगी है। साथ ही, परिवार अब ट्विशा का अंतिम संस्कार पूरे रीति-रिवाजों के साथ करेगा।
कोर्ट के आदेश के बाद एम्स के चार वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम भोपाल पहुंच चुकी है। ट्विशा के पिता ने नवनीधि शर्मा ने भरोसा जताते हुए कहा कि नई मेडिकल जांच से सभी तथ्यों की सही तस्वीर सामने आएगी। साथ ही अगर कहीं कोई गड़बड़ी या कमी हुई होगी, तो वह भी सामने आ जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री समेत उन सभी लोगों का धन्यवाद किया जिन्होंने मामले को गंभीरता से लिया और जांच आगे बढ़ाने में मदद की।
मामले के मुख्य आरोपी और ट्विशा के पति समर्थ सिंह को पुलिस हिरासत में भेजा गया है। पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है ताकि मौत से जुड़े हर पहलू की जांच की जा सके। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद ट्विशा को मानसिक प्रताड़ना और दहेज के लिए परेशान किया जाता था। इन्हीं आरोपों की सच्चाई जानने के लिए जांच एजेंसियां अब मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
दिसंबर 2025 में शादी के कुछ ही महीने बाद ट्विशा की मौत ने पूरे मामले को सवालों के घेरे में ला दिया है। परिवार का कहना है कि जब तक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच नहीं होगी, तब तक सच्चाई सामने नहीं आ पाएगी। यही वजह है कि वे शुरू से ही निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। अब सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप और दोबारा पोस्टमार्टम के फैसले के बाद इस मामले पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। वहीं मध्य प्रदेश सरकार पहले ही इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर चुकी है।
Updated on:
24 May 2026 12:11 pm
Published on:
24 May 2026 12:00 pm
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