वहीं अब टीएमसी की तरफ से यशवंत सिन्हा का नाम सुझाने की तैयारी है। साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा के इस ट्वीट ने राष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मी को बढ़ा दिया है। बता दें, यशवंत सिन्हा भाजपा का दामन छोड़कर टीएमसी में शामिल हुए थे। यशवंत सिन्हा 1960 में IAS के लिए चुने गए थे, उन्होंने 12वां स्थान प्राप्त किया था। वहीं उन्होंने 2009 का चुनाव जीता था, मगर 2014 में उन्हें बीजेपी का टिकट नहीं दिया गया। जिस वजह से उन्होंने धीरे-धीरे नरेंद्र मोदी से दूरी बना ली और 2018 में 21 वर्ष तक बीजेपी में रहने के बाद उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
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