
दिल्ली अग्निकांड में शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने लिया विकराल रूप (Photo-IANS)
Delhi Hotel Fire: साउथ दिल्ली में हौज रानी इलाके के होटल में लगी आग वाले मामले में लगातार जांच की जा रही है। इस अग्निकांड में 21 लोगों की जान चली गई थी। जांच में यह सामने आया कि आग की शुरुआत होटल की किचन से हुई थी। इस मामले में कई लापरवाही सामने आई हैं, जिस वजह से छोटी सी आग ने इतना विकराल रूप ले लिया था। बताया जा रहा है कि घटना के दिन सुबह काम पर पहुंचे कुक केशव ने रोज की तरह किचन के उपकरण चालू किए थे। इसी दौरान एयर फ्रायर में अचानक शॉर्ट-सर्किट हो गया, जिससे आग लग गई।
पुलिस की जांच में पता चला है कि एयर फ्रायर में शॉर्ट-सर्किट होने के बाद किचन में आग लग गई थी। शुरुआत में आग ज्यादा बड़ी नहीं थी, लेकिन पास में रखे डीप फ्रायर में भरे तेल की वजह से वह तेजी से फैलने लगी। देखते ही देखते किचन का बड़ा हिस्सा आग की चपेट में आ गया। उस समय किचन में कोई दूसरा कर्मचारी मौजूद नहीं था, इसलिए आग पर तुरंत काबू पाने की कोशिश भी नहीं हो सकी।
जांच में यह भी सामने आया है कि आग लगने के करीब 20 मिनट बाद किचन में रखा डीप फ्रीजर जोरदार धमाके के साथ फट गया। माना जा रहा है कि उसके कंप्रेसर में विस्फोट हुआ था। इस धमाके के बाद आग और धुआं बहुत तेजी से पूरे होटल में फैलने लगा। कुछ ही देर में ग्राउंड फ्लोर पूरी तरह आग की चपेट में आ गया और होटल में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
इस हादसे में सबसे ज्यादा दर्दनाक हाल बेसमेंट में ठहरे लोगों का रहा। जांच में पता चला है कि आग तो बेसमेंट तक नहीं पहुंची थी, लेकिन धुआं तेजी से वहां भर गया था। उस समय दो कमरों में छह लोग सो रहे थे। उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि ऊपर होटल में आग लगी हुई है। धीरे-धीरे धुआं कमरों में भरता गया और उनका दम घुटने लगा। वे न तो टाइम पर जाग पाए और न ही बाहर निकल सके। बाद में उन्हें बेसुध हालत में बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
जांच के दौरान होटल की सुरक्षा व्यवस्था में भी कई बड़ी लापरवाहियां सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार बेसमेंट के गेट पर ताला लगा हुआ था, जिसकी वजह से बचाव दल को अंदर पहुंचने में दिक्कत हुई। इसके अलावा होटल में आग से निपटने के जरूरी इंतजाम भी ठीक तरह से नहीं थे। होटल में एग्जिट गेट भी एक ही था। इसके अलावा 6 कमरों की मंजूरी थी, लेकिन फिर भी 25 कमरे बना रखे थे। अधिकारियों का कहना है कि अगर सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन किया गया होता और सभी इंतजाम पूरे होते, तो शायद इतना बड़ा नुकसान नहीं होता और कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
इस हादसे के पीछे की पूरी सच्चाई जानने के लिए अब पुलिस IIT दिल्ली के विशेषज्ञों की मदद लेने वाली है। विशेषज्ञ यह पता लगाएंगे कि किचन में लगी आग आखिर इतनी तेजी से पूरे होटल में कैसे फैल गई। खास तौर पर यह जांच होगी कि डीप फ्रीजर में हुए धमाके के बाद हालात अचानक इतने गंभीर क्यों हो गए। पुलिस का मानना है कि विशेषज्ञों की रिपोर्ट से हादसे की असली वजह साफ हो जाएगी। साथ ही यह रिपोर्ट भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने में भी मदद करेगी और मामले की चार्जशीट में अहम सबूत के तौर पर शामिल की जा सकती है।
Updated on:
09 Jun 2026 09:32 am
Published on:
09 Jun 2026 09:32 am
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