
दिल्ली होटल अग्निकांड में गद्दे बिछाकर जान बचाने वाले रियासुद्दीन मंसूरी ने सरकार से मांगा मुआवजा (Photo- IANS/Snapgrab)
Delhi Malviya Nagar Fire: साउथ दिल्ली के फ्लोरिश स्टे होटल में जब आग लगी थी, तो उस समय पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। लोगों के चिल्लाने की आवाजें हर तरफ गूंज रही थी। होटल के ऊपरी मंजिल पर फंस हुए लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे क्योंकि होटल में निकास के लिए सिर्फ एक ही रास्ता था। इसके अलावा आग और धुएं के फैलने के बाद लोग नीचे की तरफ भी नहीं जा पा रहे थे। ऐसे मुश्किल समय में स्थानीय लोगों ने हालात की गंभीरता को समझते हुए लोगों की मदद की थी। उन्हीं लोगों में इलाके के गद्दा व्यापारी रियाजुद्दीन मंसूरी शामिल थे। उन्होंने अपनी दुकान के गद्दों की मदद से लोगों की जान बचाई थी। अब उन्होंने सरकार से 2 लाख का मुआवजा मांगा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार होटल की खिड़कियों से लोग नीचे झांक रहे थे और कूदने को मजबूर थे। ऐसे में रियाजुद्दीन मंसूरी और उनके बेटे अरमान ने अपनी दुकान से दर्जनों गद्दे और रजाइयां निकालकर सड़क पर बिछा दिए थे। इससे हादसे के दौरान काफी लोग अपनी जान बचा पाए। जानकारी के अनुसार सड़क पर गद्दे बिछे होने की वजह से 8 लोगों की जान बच पाई थी, जिसमें एक बच्चा भी शामिल था। इस दौरान दुकान का काफी सामान खराब हुआ था।
अब मंसूरी शोप के मालिक ने सरकार से 2 लाख रुपए के मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि होटल में आग मालिकों की लापरवाही से लगी थी। हादसे के दौरान उन्होंने लोगों की मदद की थी, जिससे अब उनको नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का नुकासन हुआ, उनको अकेले वह आर्थिक बोझ अकेले नहीं उठाना चाहिए। वहीं बेटे अरमान मंसूरी ने भी मीडिया से बातचीत करते हुए हादसे का दृश्य बताया है। उन्होंने बताया कि उन्हें किसी पड़ोसी ने कॉल करके बताया था कि शोप के सामने वाले होटल में आग लगी है।
सरकारी मदद पहुंचने से पहले ही इलाके के कई लोग लोगों की जान बचाने के लिए मैदान में उतर गए थे। रियाजुद्दीन मंसूरी और उनके बेटे अरमान के अलावा आमिर खान, मोहम्मद शोएब, इसरार खान, वसीम राजा और मोहम्मद अफजल भी ऐसे लोग हैं, जिन्होंने बिना किसी चीज की परवाह किए लोगों की मदद की थी।
3 जून की दिल्ली के हौजरानी इलाके के फ्लोरिश स्टे होटल में अचानक आग लग गई थी। देखते ही देखते पूरे होटल में धुआं भर गया और लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई मेहमान अपने कमरों में फंस गए और कुछ लोग खिड़कियां तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश करते रहे। हालात इतने खराब हो गए थे कि कुछ लोगों को जान बचाने के लिए ऊंचाई से छलांग तक लगानी पड़ी। इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 9 भारतीय और 12 विदेशी लोग शामिल थे। अब तक ज्यादातर शवों को पोस्टमार्टम हो चुका है।
Updated on:
06 Jun 2026 10:29 am
Published on:
06 Jun 2026 09:50 am
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