
दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण के बीच GRAP-1 लागू, धूल और धुएं पर होगी सख्ती।
GRAP 1 Delhi: दिल्ली-NCR में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही प्रदूषण ने परेशानी बढ़ानी शुरू कर दी है। महज 24 घंटे में दिल्ली की हवा इतनी खराब हो गई कि पूरे NCR में GRAP-1 की पाबंदियां लागू करनी पड़ीं। मंगलवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 179 था, जो बुधवार दोपहर 2 बजे बढ़कर 244 पहुंच गया। यानी एक दिन में 65 अंकों की बढ़ोतरी हुई। हवा की रफ्तार कम होने से धूल और धुएं के कण वातावरण में जमा होने की आशंका है। फिलहाल प्रदूषण से जल्द राहत मिलने के संकेत भी कम हैं। इसी को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने बुधवार को GRAP का पहला चरण लागू कर दिया है।
दिल्ली की हवा मंगलवार को मध्यम श्रेणी में थी, लेकिन बुधवार को खराब श्रेणी में पहुंच गई। CAQM के मुताबिक, 20 अक्टूबर को AQI 179 दर्ज किया गया था। अगले दिन दोपहर 2 बजे यह 244 हो गया।
मौसम में बदलाव और हवा की धीमी रफ्तार के कारण प्रदूषण बढ़ने की आशंका बनी हुई है। तेज हवा चलने पर प्रदूषक कण फैल जाते हैं, लेकिन हवा धीमी होने पर ये लंबे समय तक आसपास बने रह सकते हैं। इसी वजह से आयोग ने सभी संबंधित विभागों को प्रदूषण रोकने के कदम तुरंत लागू करने और हवा की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा है।
GRAP का पूरा नाम ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान है। आसान भाषा में समझें तो दिल्ली-NCR में प्रदूषण बढ़ने पर अलग-अलग स्तर की पाबंदियां लगाने की व्यवस्था को GRAP कहा जाता है। इसके चार चरण हैं। AQI 201 से 300 के बीच होने पर पहला चरण लागू होता है। इसका मकसद प्रदूषण को और बढ़ने से रोकना है।
GRAP-1 में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर सख्ती की जाती है। इसके तहत खुले में कचरा और पत्तियां जलाने पर रोक रहेगी। सड़कों पर उड़ने वाली धूल रोकने के लिए मशीनों से सफाई और जरूरत के मुताबिक पानी का छिड़काव किया जाएगा। निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के इंतजाम करने होंगे। मलबे को खुले में छोड़ने और नियमों के खिलाफ कचरा फेंकने पर कार्रवाई हो सकती है। प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों और उद्योगों की जांच भी बढ़ाई जाएगी।
हालांकि, GRAP-1 लगने से सभी निजी गाड़ियों, स्कूलों या निर्माण कार्यों पर पूरी तरह रोक नहीं लगती। मेट्रो और बस सेवाएं भी सामान्य रूप से जारी रहती हैं। पहले से लागू वाहन संबंधी नियमों का पालन करना जरूरी होगा।
GRAP-1 तब लागू होता है, जब AQI 201 से 300 के बीच होता है। इसमें मुख्य जोर धूल, धुएं और कचरा जलाने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने का होता है।
वहीं, AQI 301 से 400 के बीच पहुंचने पर GRAP-2 लागू किया जाता है। इसमें पहले चरण के नियमों के साथ अतिरिक्त कदम उठाए जाते हैं। इनमें सार्वजनिक परिवहन बढ़ाना, निजी गाड़ियों का इस्तेमाल कम करने के उपाय और पार्किंग शुल्क बढ़ाने जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।
दिल्ली की हवा और खराब होने पर पाबंदियां भी बढ़ सकती हैं। AQI 401 से 450 के बीच पहुंचने पर GRAP-3 के तहत कुछ पुराने वाहनों और निर्माण से जुड़े कामों पर अतिरिक्त रोक लगाई जा सकती है।
AQI 450 से ऊपर जाने पर GRAP-4 के तहत और सख्त नियम लागू हो सकते हैं। इनमें कुछ ट्रकों के प्रवेश और दूसरी गतिविधियों पर पाबंदियां शामिल हैं। हालांकि, जरूरी सेवाओं को नियमों के मुताबिक छूट मिल सकती है।
प्रदूषण कम करने के लिए लोग छोटी दूरी पर निजी गाड़ी के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल कर सकते हैं। कचरा और सूखी पत्तियां जलाने से बचना चाहिए।
वाहनों का प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र अपडेट रखना जरूरी है। बच्चों, बुजुर्गों और सांस की परेशानी वाले लोगों को खराब हवा में लंबे समय तक बाहर रहने से बचने की सलाह दी जाती है।
GRAP-1 हटाने की अभी कोई तारीख तय नहीं की गई है। CAQM हवा की गुणवत्ता और मौसम के अनुमान को देखकर आगे फैसला करेगा।
अगर हवा साफ होती है और प्रदूषण दोबारा बढ़ने की आशंका कम रहती है, तो पाबंदियां हटाई जा सकती हैं। लेकिन हवा और खराब हुई तो GRAP के अगले चरण के नियम लागू किए जा सकते हैं।
Updated on:
21 Oct 2026 04:31 pm
Published on:
21 Oct 2026 04:07 pm
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