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ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में नया विवाद, महिला और ट्रांसजेंडर प्रदर्शनकारियों से पुलिस पर बदसलूकी का आरोप, निकाला मार्च

Gyanesh Kumar Resignation: दिल्ली में महिला संगठनों ने पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकालकर प्रदर्शन के दौरान महिला और ट्रांसजेंडर प्रदर्शनकारियों से कथित यौन उत्पीड़न के मामले में कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग की।
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Delhi Police

सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी के खिलाफ दिल्ली पुलिस का एक्शन। (फोटो सोर्स-IANS)

Gyanesh Kumar: दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान महिला और ट्रांसजेंडर प्रदर्शनकारियों से कथित यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। शनिवार को महिला संगठनों और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकालकर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई।

बंगला साहिब से पुलिस मुख्यालय तक गूंजे नारे

हाथों में बैनर और तख्तियां थामे वामपंथी महिला संगठनों और कार्यकर्ताओं का यह समूह गुरुद्वारा बंगला साहिब के पास इकट्ठा हुआ। वहां से प्रदर्शनकारी सीधे दिल्ली पुलिस मुख्यालय की ओर बढ़े। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांग की कि महिला व ट्रांसजेंडर प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी करने वाले दोषी पुलिस अधिकारियों पर तत्काल कानूनी मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही प्रदर्शनकारियों ने कथित चुनावी गड़बड़ियों का हवाला देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग दोहराई।

वीडियो और तस्वीरों का हवाला, बसों-हिरासत केंद्रों में भी हिंसा के आरोप

महिला संगठनों द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि हाल ही में हुई पुलिस कार्रवाई के कई वीडियो, तस्वीरें और पीड़ितों के बयान इस बात का सबूत हैं कि महिला और ट्रांसजेंडर कार्यकर्ताओं के साथ अमानवीय व्यवहार हुआ है।
संगठनों का दावा है कि जुलाई महीने से शुरू हुई यह कार्रवाई अक्टूबर के शुरुआती हफ्ते में और ज्यादा हिंसक हो गई। आरोप है कि पुरुष पुलिसकर्मियों ने न सिर्फ सड़कों पर महिला प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया, बल्कि पुलिस की गाड़ियों और हिरासत केंद्रों के भीतर भी यौन और शारीरिक हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं।

पत्रकार का गंभीर आरोप, शिकायत दर्ज कराने पर मिली एफआईआर

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब एक युवा महिला पत्रकार ने भी पुलिस अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए। बयान के मुताबिक, पत्रकार ने आरोप लगाया है कि सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) स्तर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उनके साथ अनुचित व्यवहार और यौन उत्पीड़न किया। पीड़ित पत्रकार का कहना है कि जब उन्होंने इस घटना की औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, तो पुलिस ने निष्पक्ष जांच करने के बजाय उल्टा उन्हें ही हिरासत में ले लिया और उनके व अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर दी।

महिला विरोधी मानसिकता का आरोप, सख्त सजा की मांग

प्रदर्शनकारी संगठनों ने पुलिस की इस कार्रवाई को बहुत ही गलत बताया है। उनका कहना है कि अधिकारियों की यह सोची-समझी हरकत महिलाओं की आवाज दबाने और उन्हें राजनीति व सार्वजनिक जीवन से दूर करने की एक घटिया कोशिश है। इसके अलावा, आंदोलनकारियों को जातिगत, सांप्रदायिक और लैंगिक रूप से अपमानजनक टिप्पणियों का शिकार होना पड़ा। संगठनों ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि सभी दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाए।