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El Nino की वापसी से बदल सकता है मौसम का मिजाज, दिल्ली-मुंबई समेत कई बड़े शहरों में कम बारिश की आशंका

India Monsoon 2026: El Niño के मजबूत होने से भारत में मानसून कमजोर पड़ सकता है। WMO और IMD के अनुमान के अनुसार दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद समेत कई शहरों में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। इसका असर कृषि, जल संसाधनों और दैनिक जीवन पर पड़ सकता है।

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El Niño 2026

AI द्वारा बना प्रतीकात्मक फोटो

Delhi Rain Forecast: दुनिया भर के मौसम पैटर्न को प्रभावित करने वाली जलवायु घटना El Niño एक बार फिर तेजी से मजबूत हो रही है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के अनुसार, जून से अगस्त 2026 के बीच इसका असर वैश्विक वर्षा पैटर्न पर देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे कुछ क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में वर्षा बढ़ सकती है। इसका असर कृषि, जल संसाधनों और करोड़ों लोगों की आजीविका पर पड़ने की आशंका है।

क्या है El Nino?

El Nino, El Nino-Southern Oscillation (ENSO) का गर्म चरण होता है। यह एक प्राकृतिक जलवायु प्रणाली है, जिसकी शुरुआत प्रशांत महासागर के उष्णकटिबंधीय क्षेत्र से होती है। El Niño के दौरान मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर की सतह का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है। इससे वायुमंडलीय परिसंचरण और हवाओं के पैटर्न में बदलाव आता है, जिसका असर दुनिया के विभिन्न हिस्सों में बारिश और तूफानों की गतिविधियों पर पड़ता है।

WMO इस घटना की निगरानी Niño 3.4 Index के जरिए करता है। आमतौर पर 0.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक का स्तर El Niño की स्थिति को दर्शाता है। मौजूदा अनुमान के अनुसार यह सूचकांक 1.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जो इसे मजबूत El Niño की श्रेणी में रखता है।

भारत में कमजोर पड़ सकता है मानसून

WMO और भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुमानों के मुताबिक, इस बार भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, देश में बारिश दीर्घकालिक औसत (Long Period Average) के लगभग 90 प्रतिशत तक सीमित रह सकती है।

दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों पर इसका असर अपेक्षाकृत कम रहने की उम्मीद है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि भारतीय मानसून कई समुद्री और वायुमंडलीय कारकों से प्रभावित होता है, लेकिन El Niño अक्सर कमजोर मानसून से जुड़ा माना जाता है।

दुनिया के अन्य हिस्सों में भी दिखेगा असर

भारत के अलावा दुनिया के कई अन्य क्षेत्रों में भी कम बारिश की आशंका जताई गई है। WMO के पूर्वानुमान के अनुसार, अफ्रीका के ग्रेटर हॉर्न ऑफ अफ्रीका क्षेत्र के कई हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है, जिससे मौसमी बारिश पर निर्भर क्षेत्रों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा समेत कई इलाकों में वर्षा में कमी देखने को मिल सकती है।

इसके अलावा गल्फ ऑफ गिनी क्षेत्र, जिसमें घाना की राजधानी अकरा और नाइजीरिया का लागोस जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं, वहां भी शुष्क मौसम की स्थिति बनने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि El Niño और मजबूत होता है, तो आने वाले महीनों में वैश्विक मौसम पैटर्न पर इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है।