
भवनेश गुप्ता/नईदिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि 21वीं सदी भारत की सदी है। भारत अपनी ही नहीं, दुनिया की ग्रोथ को भी ड्राइव कर रहा है। भारत के लिए अगले दो दशक बेहद अहम है और अगले पांच वर्षों में हम कई बड़े मील के पत्थर पार करने जा रहे हैं। इनोवेशन से इकोनॉमी तक की इस यादगार यात्रा में ऊर्जा सेक्टर की बहुत बड़ी भूमिका होगी। ग्रीन फ्यूचर की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
मोदी ने फ्रांस की यात्रा के दौरान दिल्ली में मंगलवार को शुरू हुए 'इंडिया एनर्जी वीक' कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत की ऊर्जा महत्वाकांक्षाएं पांच पिलर पर खड़ी है। संसाधनों का कुशल दोहन, नवाचार को बढ़ावा, मजबूत अर्थव्यवस्था व राजनीतिक स्थिरता, रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और वैश्विक स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता।
पीएम ने कहा कि हमारे कई ऊर्जा लक्ष्य 2030 की समय सीमा के अनुरूप हैं। ये लक्ष्य बहुत महत्वाकांक्षी लग सकते हैं लेकिन भारत ने पिछले दस वर्ष में जो हासिल किया है, उससे यह विश्वास पैदा हुआ है कि हम इस लक्ष्य को प्राप्त करेंगे।
कार्यक्रम में भारत के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ तंजानिया के उप प्रधानमंत्री डॉ. डोटो माशाका बिटेको, कतर के ऊर्जा मंत्री साद शेरिदा अल-काबी, यूके के ऊर्जा सुरक्षा सचिव एड. मिलिबैंड ने ऊर्जा क्षेत्र में दुनिया की जरूरत और चल रहे काम के बारे में चर्चा की।
-500 गीगावाट रिन्युएबल एनर्जी क्षमता जोड़ना।
-भारतीय रेलवे का नेट जीरो कार्बन एमिशन पूरा होगा।
-पांच मिलियन मिट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन।
-हाइड्रोजन निवेश में 96 बिलियन डॉलर आकर्षित करना।
-भारत जी-20 देशों में पेरिस समझौते के लक्ष्यों को पूरा करने वाला पहला देश बना है।
-भारत की सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता 32 गुना बढ़ी है, जिससे देश दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक बन गया है।
-गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता भी तीन गुना बढ़ी है।
-भारत चौथा सबसे रिफाइनिंग हब है और क्षमता 20 प्रतिशत तक बढ़ाने में जुटा है।
प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में निवेश के अवसर
प्रधानमंत्री ने प्राकृतिक गैस के बढ़ते उपयोग की ओर इशारा करते हुए कहा कि भारत में बढ़ते पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर और नए संसाधनों की खोज के कारण प्राकृतिक गैस की आपूर्ति में वृद्धि हो रही है। उन्होंने निवेशकों से अपील की कि वे ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के अवसरों का पूरा लाभ उठाएं।
मोदी युवाओं के लिए 'ग्रीन जॉब्स' के अवसरों पर भी बोले। उन्होंने कहा कि बैटरी और स्टोरेज कैपेसिटी के क्षेत्र में तेज़ी से काम किया जा रहा है, जिससे देश में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। इसके अलावा, सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन और मोबाइल फोन बैटरी की मैन्युफेक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। इससे देश में युवाओं के लिए 'ग्रीन जॉब्स' के अवसर बन रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह ने कहा भारत अपने 7.6 बिलियन टन खोजे गए अपस्ट्रीम संसाधनों, 500 मिलियन टन जैव ईंधन फीडस्टॉक और बढ़ती ऊर्जा मांग का लाभ उठाकर रणनीतिक दृष्टिकोण अपना रहा है। हाइब्रिड ऊर्जा मॉडल में महारत हासिल करने वाले देश बनेगा और ऊर्जा महाशक्तियों की सूची में शामिल होगा। बैटरी रीसाइक्लिंग को बढ़ाने और सोडियम-आयरन और सॉलिड-स्टेट बैटरी जैसे वैकल्पिक कैमिस्ट्री पर होमवर्क कर रहे।
Updated on:
11 Feb 2025 06:49 pm
Published on:
11 Feb 2025 06:48 pm
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