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NEET Paper Leak: ‘मोदी सरकार रैकेट में शामिल लोगों पर कार्रवाई नहीं करेगी’, अरविंद केजरीवाल ने वीडियो जारी कर बताई वजह

Exam Paper Leak Controversy: NEET पेपर लीक मामले पर अरविंद केजरीवाल ने वीडियो जारी कर मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पेपर लीक रैकेट से जुड़े लोगों पर कार्रवाई नहीं की जा रही और इसकी वजह भी बताई।

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Arvind Kejriwal on NEET Paper Leak

अरविंद केजरीवाल (Photo-IANS)

NEET Paper Leak: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नीट री-एग्जाम से पहले पेपर लीक के मुद्दे पर मोदी सरकार को एक बार फिर घेरा है। उनका कहना है कि पेपर लीक को रोकने के लिए सरकार जो कदम उठा रही है, वह सिर्फ दिखावे के हैं। केजरीवाल ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया X पर एक वीडियो लगाते हुए कहा कि मोदी सरकार ने नीट री-एग्जाम के पहले टेलीग्राम बैन कर दिया है, सुनकर हंसी नहीं आती। उन्होंने कहा कि सरकार असली दोषियों पर कार्रवाई करने की जगह बेतुके फैसले ले रही है।

वीडियो में और क्या कहा?

अपने एक्स अकाउंट पर शेयर किए गए एक वीडियो में अरविंद केजरीवाल ने NEET री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर लगाए गए बैन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इससे पहले सरकार ने पेपरों को सुरक्षित पहुंचाने के लिए वायुसेना के विमान और हेलीकॉप्टर इस्तेमाल करने जैसी बातें भी कही थीं। केजरीवाल के अनुसार ऐसे कदमों से पेपर लीक नहीं रुकने वाले।

कार्रवाई नहीं होने के पीछे की बताई वजह

केजरीवाल ने दावा किया कि पेपर लीक का कारोबार कोई छोटा-मोटा खेल नहीं है। यह हजारों करोड़ रुपये का बिजनेस है और इसका पैसा टॉप तक पहुंचता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी पैसे का इस्तेमाल दूसरी पार्टी के MP-MLAs खरीदने के लिए किया जाता है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि टीएमसी और महाराष्ट्र में दूसरे दलों के सांसदों और विधायकों को खरीदने के लिए भी इसी तरह के पैसों का इस्तेमाल किया गया। केजरीवाल ने तंज कसते हुए कहा कि अगर पेपर लीक का यह कारोबार बंद हो जाएगा, तो फिर सांसदों और विधायकों को खरीदने के लिए पैसा कहां से आएगा।

जनता से की अपील

अंत में उन्होंने कहा कि पूरे सिस्टम में सुधार की जरूरत है और यह बदलाव अपने आप नहीं आने वाला। उन्होंने जनता से कहा कि उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ेगा और खुल कर आवाज रखनी होगी।

आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने 22 जून तक टेलीग्राम पर बैन लगा दिया है। इसके पीछे का कारण नीट पेपर लीक को रोकना बताया जा रहा है। वहीं टेलीग्राम के सीईओ का कहना है कि यह सही उपाय नहीं है। इससे टेलीग्राम के 1.5 करोड़ यूजर्स पर असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियां किसी और प्लेटफॉर्म पर भी हो सकती हैं।