
जंतर-मंतर पर फिर से संसद मार्च को लेकर छात्र उमड़ रहे हैं। फोटो सोर्स-@CJP_for_India
Jantar Mantar Protest: राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर बड़े विरोध प्रदर्शन का केंद्र बन गया है। नीट पेपर लीक मामले और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आह्वान पर हजारों लोग मंगलवार को भी जंतर-मंतर पहुंचे। प्रदर्शन में छात्रों के साथ-साथ अभिभावक और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग भी शामिल हुए। जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शन स्थल पर 15 से 20 हजार के बीच लोगों की मौजूदगी रही।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ कहा है कि आंदोलन फिलहाल रुकने वाला नहीं है। उन्होंने संसद मार्च जारी रखने का एलान करते हुए सरकार से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय करने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि जब तक छात्रों की मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सोमवार को संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई जगहों पर तनाव देखने को मिला था। बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश के दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हुई। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों को राम मनोहर लोहिया, लेडी हार्डिंग और सफदरजंग सहित कई सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां अधिकांश का इलाज अब भी जारी है।
मंगलवार को स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस पहले से ज्यादा सतर्क नजर आई। संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। संसद की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील कर रही है।
उधर, प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से कथित तौर पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किए जाने का मामला भी अब अदालत पहुंच गया है। इस संबंध में दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट में तत्काल सुनवाई की मांग की गई, लेकिन अदालत ने फिलहाल इस पर तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया। हालांकि याचिका नियमानुसार आगे की प्रक्रिया में शामिल रहेगी।
जंतर-मंतर पर जारी यह आंदोलन अब केवल एक परीक्षा या पेपर लीक के विरोध तक सीमित नहीं रह गया है। प्रदर्शनकारी इसे देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग से जोड़ रहे हैं। उनका कहना है कि बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों ने लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया है।
फिलहाल राजधानी में हालात पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। संसद मार्च को लेकर सुरक्षा व्यवस्था लगातार कड़ी की जा रही है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहे। आने वाले दिनों में यह आंदोलन किस दिशा में जाएगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
Updated on:
21 Jul 2026 03:19 pm
Published on:
21 Jul 2026 03:19 pm
