
Sanjay Singh statement
Sanjay Singh Welcomes VHP Chief's Letter: राम जन्मभूमि चंदे में कथित घोटाले को लेकर देश की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार द्वारा लिखे गए एक पत्र के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के फायरब्रांड नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मोर्चा खोल दिया है। संजय सिंह ने विहिप के इस कदम को पूरी तरह 'राजनीति से प्रेरित' बताते हुए सीधे सवाल दागा है कि आखिर प्रभु श्री राम के पवित्र काम में भी ऐसा भेदभाव क्यों किया जा रहा है?
उन्होंने ANI से बातचीत करते हुए कहा, यदि प्रशासन विपक्षी दलों की आवाज को अनसुना कर रहा है तो कम से कम विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठन की बात को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उचित कार्रवाई करें।
संजय सिंह ने आगे कहा, पत्र में चुनिंदा तौर पर कुछ ही लोगों के नाम शामिल हैं। भाजपा के विनय कटियार समेत कई अन्य महत्वपूर्ण लोगों का जिक्र तक नहीं किया गया है। नामों की चयनात्मक सूची साफ तौर पर भेदभाव को दर्शाती है।
उन्होंने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा समेत अन्य पदाधिकारियों पर जमीन खरीद में करोड़ों रुपए की कथित हेराफेरी-अनियमितताओं के आरोपों को दोहराया। उन्होंने दावा किया कि कौड़ियों के दाम मिलने वाली जमीनों की खरीद में कागजों पर भारी-भरकम कीमत दिखाकर बड़ा वित्तीय घोटाला किया गया है। उन्होंने कहा, संबंधित शिकायत केंद्रीय एजेंसियों को पहले ही सौंप चुके हैं।
विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने पत्र में मांग की है कि जांच के दौरान नेताओं के आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए। यदि जांच में आरोप झूठे और बेबुनियाद साबित होते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी कानन के अनुसार कार्रवाई की जाए। आलोक कुमार ने अपने बयान में कहा कि राम जन्मभूमि करोड़ों लोगों की आस्था का विषय है, इसलिए मामले से संबंधित सभी दावों, आरोपों और बयानों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, जिससे सच्चाई बाहर आ सके। किसी तरह की भ्रम की भी स्थित नहीं रहे।
Updated on:
05 Jul 2026 02:30 pm
Published on:
05 Jul 2026 01:39 pm
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