
नई दिल्ली : सऊदी अरब अब धीरे-धीरे अपनी रूढ़िवादी छवि से बाहर आ रहा है। महिलाओं के लिए लगातार नए-नए रास्ते खुल रहे हैं। लैंगिक समानता आ रही है। सऊदी अरब में पहली बार फैशन वीक का आयोजन भी अब किया जा रहा है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद में 4 दिन तक चलने वाले फैशन वीक का आगाज हो गया है। इस फैशन वीक में दुनियाभर के मॉडल, डिजाइनर्स ने हिस्सा लिया है। कहा जा रहा है कि मॉडल बिना अबाया भी कैटवॉक करती दिखीं हैं। इस अरब फैशन वीक में सिर्फ महिलाओं ने भाग लिया। इवेंट में कैमरा ले जाने की इजाजत नहीं है। फैशन वीक रियाद के ईको फ्रेंडली एपेक्स सेंटर में हुआ। इस अरब फैशन वीक को अरब फैशन काउंसिल ने आयोजित कराया है। 14 अप्रैल तक चलने वाले अरब फैशन वीक को पेरिस, मिलान की तरह इंटरनेशनल फैशन वीक की तरह सूचीबद्ध किया गया है। फैशन वीक के आयोजन से लोग काफी खुश नजर आ रहे हैं, तो कई ऐसे भी हैं जो आलोचना कर रहे हैं। बता दें कि पिछले कई महीनों से सऊदी अरब में महिलाओं को लेकर क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं। ये क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के प्रयासों का असर है । सुल्तान का विजन 2030 प्लान के तहत देश को आर्थिक और सामाजिक रूप से आधुनिक बनाने की कोशिश की जा रही है। साऊदी अरब में पिछले कुछ समय में महिला समानता को बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। वहां महिलाओं पर सालों से लगी पाबंदियां हटाई जा रही हैं। पहले साऊदी की महिलाएं गाड़ी चलाने और फुटबॉल स्टेडियम जैसे अधिकारों से वंचित थीं, एक-एक कर उन्हें हटाया जा रहा है।
सऊदी में कड़े हैं कानून
देश भर में महिलाओं को घर से बाहर निकलने के लिए कपड़ों के तौर तरीकों के कुछ खास नियमों का पालन करना होता है। बाहर निकलने वाले कपड़े तंग नहीं होने चाहिए। अबाया पहना होना चाहिए। बता दें कि अब तक वहां महिलाओं को घर से निकलते वक्त सिर व चेहरे के साथ पूरे शरीर को ढकने के लिए अबाया पहनना अनिवार्य है। लेकिन हाल ही गए अमरीका दौरे पर सऊदी युवराज और उपप्रधानमंत्री मुहम्मद बिन सलमान का कहना था कि यदि महिलाएं शालीन तरीके से कपड़े पहनें तो उन्हें अबाया पहनने की जरूरत नहीं है।