
चेहरे पर बार-बार क्यों निकलते हैं मुंहासे- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Acne Symptoms: मुंहासे यानी एक्ने (Acne) एक ऐसी समस्या है, जिससे लगभग हर व्यक्ति जीवन में कभी न कभी जरूर परेशान होता है। चाहे स्कूल जाने वाले किशोर हों या दफ्तर जाने वाले युवा, चेहरे पर निकला एक छोटा सा दाना भी आत्मविश्वास डगमगा देता है। अक्सर लोग इसे केवल त्वचा की ऊपरी गंदगी मान लेते हैं और तरह-तरह के फेसवॉश या घरेलू नुस्खे आजमाने लगते हैं। क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, मुहांसे त्वचा की एक बहुत ही आम समस्या है जिससे फुंसियां हो जाती हैं। एक्ने सिर्फ त्वचा के ऊपरी हिस्से की बीमारी नहीं है, बल्कि इसके पीछे शरीर के अंदर होने वाले कई बदलाव और कारण जिम्मेदार होते हैं। अगर आप भी बार-बार निकलने वाले पिंपल्स से परेशान हैं, तो आइए समझते हैं कि मुहासे क्यों होते हैं और इनसे बचाव कैसे किया जाए।
मेयो क्लिनिक के अनुसार, जब चेहरे का प्राकृतिक तेल और मरी हुई त्वचा (डेड स्किन) रोमछिद्रों में फंस जाते हैं, तो चेहरे पर व्हाइटहेड्स, ब्लैकहेड्स या पिंपल्स निकल आते हैं। वैसे तो यह परेशानी टीनेजर्स में ज्यादा होती है, लेकिन यह किसी भी उम्र में हो सकती है। मुंहासों का इलाज तो संभव है, पर ये बड़े जिद्दी होते हैं। अक्सर एक पिंपल ठीक भी नहीं हो पाता कि दूसरा निकल आता है। पिंपल्स न सिर्फ त्वचा को खराब करते हैं और चेहरे पर दाग-गड्ढे छोड़ जाते हैं, बल्कि इंसान का कॉन्फिडेंस (आत्मविश्वास) भी कम कर देते हैं। इसलिए, जैसे ही ये शुरू हों, तुरंत सही इलाज लेना चाहिए ताकि चेहरा खराब होने से बच सके।
हमारी त्वचा के नीचे छोटी-छोटी तेल ग्रंथियां (Oil glands या Sebaceous glands) होती हैं, जो बालों के रोमछिद्रों (Pores) से जुड़ी होती हैं। ये ग्रंथियां सीबम (Sebum) नाम का एक प्राकृतिक तेल बनाती हैं, जो त्वचा को नमी देता है। जब यह प्रक्रिया बिगड़ती है, तो मुहासे बनने शुरू होते हैं। इसके चार मुख्य कारण हैं;
1. अत्यधिक तेल (Sebum) का बनना- जब त्वचा की ग्रंथियां जरूरत से ज्यादा तेल बनाने लगती हैं, तो चेहरा चिपचिपा रहने लगता है और रोमछिद्र बंद होने लगते हैं।
2. बंद रोमछिद्र (Clogged Pores)- हमारी त्वचा लगातार पुरानी कोशिकाओं (Dead skin cells) को छोड़ती है। जब यह मृत त्वचा और अत्यधिक तेल आपस में मिल जाते हैं, तो त्वचा के रोमछिद्र पूरी तरह बंद हो जाते हैं।
3. बैक्टीरिया का संक्रमण- हमारे चेहरे पर प्राकृतिक रूप से 'कटिबैक्टेरियम एक्नेस' (C. acnes) नाम का बैक्टीरिया पाया जाता है। जब रोमछिद्र बंद हो जाते हैं, तो इस बैक्टीरिया को पनपने की जगह मिल जाती है, जिससे दाने में सूजन और मवाद भर जाता है।
4. सूजन (Inflammation)- बैक्टीरिया के संक्रमण और बंद छिद्रों के कारण त्वचा के उस हिस्से में लालिमा, दर्द और सूजन आ जाती है, जिसे हम पिंपल या मुहासा कहते हैं।
एक्ने की समस्या से बचने और त्वचा को साफ रखने के लिए रोजमर्रा की जिंदगी में इन बातों का ध्यान रखें;
यदि साधारण सावधानी बरतने और ओवर-द-काउंटर (OTC) फेसवॉश या जेल इस्तेमाल करने के बाद भी मुंहासे ठीक नहीं हो रहे हों, या वे बहुत दर्दनाक (गिल्टी वाले या सिस्टिक एक्ने) हों, तो खुद से इलाज करने के बजाय किसी त्वचा रोग विशेषज्ञ (Dermatologist) को दिखाएं। सही समय पर डॉक्टर की सलाह लेने से न सिर्फ एक्ने का सही इलाज होता है, बल्कि चेहरे पर स्थाई दाग-धब्बे बनने का खतरा भी टल जाता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
07 Aug 2026 01:42 pm
Published on:
07 Aug 2026 01:42 pm
