
एनिकट के घटिया निर्माण की आशंका जताते हुए विरोध करते ग्रामीण।
ग्राम पंचायत चौखवाड़ा के डोलकारा क्षेत्र में जलदाय विभाग की ओर से 3 करोड़ 90 लाख रुपए की लागत से बनाए जा रहे एनीकट में विभाग की अनदेखी के कारण जमकर अनियमितताएं और घटिया सामग्री का उपयोग हो रहा है। यह आरोप स्थानीय ग्रामीणों ने ठेकेदार पर लगाए हैं। इससे पहले भी ग्रामीण कई बार इसका विरोध कर चुके हैं। शुक्रवार को घटिया निर्माण की जानकारी मिलने पर स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और विरोध करते हुए बताया कि जनप्रतिनिधि, ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत से एनीकट की ऊंचाई उतनी नहीं बनाई जा रही, जितनी होनी चाहिए। इसके अलावा, निर्माण में नियमानुसार सरिये का भी सही तरीके से उपयोग नहीं किया जा रहा है और घटिया सामग्री का जमकर इस्तेमाल हो रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार निर्माण में पत्थर वाली रेत और गिट्टी का ज्यादा तथा सीमेंट का कम उपयोग किया जा रहा है। जहां पानी का तेज बहाव होता है, वहां सरिया बहुत कम लगाया जा रहा है। मिट्टी के ऊपर ही काम किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने विभाग और अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एनीकट का निर्माण कार्य नियमानुसार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को विवश होंगे। दिलीप निनामा ने बताया कि काम रुकवाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। मौके पर राजेश तावड़, दलसिंह सिंगाड़, भीमा निनामा, गोपाल, भारत, हुकम चंद, सुरेंद्र विकास, जोहरसिंह, प्रकाश और मुकेश भी उपस्थित थे।
इधर, बिना काम लाखों के भुगतान पर हमीरपुरा सरपंच और दो वीडीओ के खिलाफ एफआईआर
बागीदौरा पंचायत समिति क्षेत्र के हमीरपुरा बड़ा गांव में बिना निर्माण कार्य करवाए लाखों का भुगतान करने के चर्चित मामले में बीडीओ की रिपोर्ट पर कलिंजरा पुलिस ने सरपंच और तत्कालीन दो ग्राम विकास अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। गौरतलब है कि इस मामले को लेकर 24 अगस्त को पत्रिका ने भवन बना और न चारदीवारी, सडक़ के अते-पते नहीं और लाखों का भुगतान शीर्षक से तथ्यात्मक समाचार प्रकाशित किया था। उसके बाद अब ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग चेता। इसे लेकर सिरोही के मूल निवासी और हाल विकास अधिकारी बागीदौरा ललितकुमार गर्ग ने कलिंजरा थाने में रिपोर्ट दी। इसमें उल्लेख किया कि वर्ष 2021 और 2022 में पंचायत भवन की चारदीवारी, सामुदायिक भवन और सडक़ निर्माण के कार्यों पर सरपंच-सचिव ने 11 लाख 28 हजार रुपए का भुगतान किया, लेकिन तीनों मौकों पर कोई काम नहीं कराया। इसके अलावा पंचायत से 39 विकास कार्यों पर सक्षम तकनीकी अधिकारी से मूल्यांकन कराए बगैर पंचायत के रेकॉर्ड पर 95.83 लाख रुपए राशि खर्च बताकर अनियमितताएं की।
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इसकी पुष्टि विभागीय जांच दल ने करते हुए रिपोर्ट 8 अगस्त को रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसमें जांच दल को वीडीओ द्वारा वर्ष 2023-24 का रिकॉर्ड नहीं बताने और मौजूदा रेकॉर्ड से मनरेगा के अतिरिक्त सामान्य कार्यों पर 2020-21 से अब तक नियोजित श्रमिकों को भुगताने नहीं होने की अनियमितता भी पाई गई। इस पर सीईओ ने आरोपी सरपंच राकेश रावत, तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी नरेशचंद्र गर्ग और महेंद्र गरासिया के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराने के निर्देश दिए। अनुपालना में इस संंबंध में विभागीय जांच की 53 पृष्ठ की रिपोर्ट के साथ आग्रह पर पुलिस ने तीनों को धोखाधड़ी कर सरकारी संपत्ति का बेईमानी से दुरुपयोग करने सहित अन्य धाराओं में नामजद किया। तहकीकात एसआई गोपालसिंह के जिम्मे की गई है।
Updated on:
12 Oct 2024, 11:57 AM IST
Published on:
12 Oct 2024, 11:57 AM IST
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