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2000 ढोल की गूंजी थाप, 200 ट्रैक्टर और 100 ऊंट गाड़ी भी शामिल

बुधवार को अनंत चतुर्दशी के मौके पर बांसवाड़ा शहर में गणेश प्रतिमाओं को विसर्जन को लेकर उत्साह का माहौल नजर आया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मौके पर नाचते गाते नजर आए।
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बांसवाड़ा

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Ashish Bajpai

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Updated: 17 Sep 2024, 6:28 PM IST

ganpati pratima visarjan

अनंत चतुर्दशी के मौके पर गणेश प्रतिमाओं को विसर्जित करने ले जाते श्रद्धालु।

गजानन की शोभायात्रा: रतलाम और गुजरात से मंडल संचालकोंं ने मंगवाए ढोल, ट्रैक्टर और ऊंट गाड़ी वाले भी खाली नहीं

बांसवाड़ा . आज अन्नतचतुदर्शी है। श्रद्धालुओं ने 10 दिनों से विराजित बप्पा को विदाई दी। बप्पा की विदाई का नजारा भव्य और आकर्षक नजर आया। युवाओं में उत्साह और उमंग के साथ ही जयकारों की गूंज चहुंओर गूंजती रही। गजानन की विदाई यात्रा में 2000 से अधिक ढोल की थाप सुनाई पड़ी। इसमें तकरीबन 200 ट्रैक्टर और 100 ऊंट गाडिय़ां भी शामिल रहीं। इस विदाई यात्रा को लेकर मंडल संचालकों की ओर से तैयारियां की गई हैं। भव्य आयोजन की स्थिति यह है कि शहर में एक भी ढोल बजाने वाले खाली नहीं है। बल्कि ढोलों की भरपाई करने के लिए बड़ी संख्या में झालोद और रतलाम से ढोल बजाने वालों को बुलाया गया है। यात्रा का क्रम दोपहर बाद से परवान चढ़ा। जहां प्रतिमाओं की लंबी-लंबी कतारें नजर आईं।

ढाई से तीन हजार रुपए पर ढोल का शुल्क

मंडल संचालक बताते हैं कि ढोल के हिसाब से अलग-अलग कीमत है। स्थानीय स्तर पर सामान्य ढोल दो हजार से ढाई हजार रुपए तक चार्ज किए जा रहे हैं। जो पूरे आयोजन में बप्पा के विसर्जन स्थान तक ढोल नाद करेंगे। वहीं, रतलाम या झालोद से मंगवाए जाने वाले नासिक ढोल का शुल्क तीन हजार रुपए प्रति ढोल के हिसाब से है। शहर कुछ एक मंडल की ओर से 10-11 तक भी ढोल मंगवाए गए हैं।
https://www.patrika.com/banswara-news/rajasthan-banswara-devotees-went-crazy-for-laddus-during-ganeshotsav-demand-increased-10-times-prices-hike-18989685
जिनकी कीमत 30 हजार रुपए से अधिक बताई जा रही है।

ऊंट गाड़ी के लिए 10-11 हजार रुपए तक की डिमांड

बड़ी प्रतिमाओं की स्थापना करने वालों के लिए विसर्जन के दिन ऊंट गाड़ी की आवश्यकता रहती है। क्यों कि शहर के भीतरी हिस्से में ट्रैक्टर पर बड़ी प्रतिमाओं को ले जाने में काफी समस्या आती है। ऐसे में ये ऊंट गाड़ी संचालक विसर्जन के लिए 10 से 11 हजार रुपए तक की डिमांड करते नजर आए। तकरीबन 200 ट्रैक्टर बप्पा

की विदाई में शामिल होंगे। ट्रैक्टर संचालक दो से ढाई हाजर रुपए डीजल अलग चार्ज कर रहे हैं।

5 किमी लंबी रहेगी कतार

इस विसर्जन यात्रा में प्रतिमाओं की कतार भी काफी लंबी रहेगी। त्र्यंबकेश्वर मंदिर से शुरू होकर गांधी मूर्ति, पीपल चौक, डेगली माता चौक, किशन पोल, नया बस स्टैंड, एसपी सर्किल होते हुए डायलाब पहुंचेगी।

इनका गूंजेगा नाद

- ढोल

- ताश

- नासिक ढोल

- बैंड की ध्वनियां

नसिक ढोल में इनकी डिमांड

- 4 ताश, 7 ढोल, दो मंजीरे और एक घंटा सहित 30 हजार रुपए में शहर में काफी डिमांड देखी जा रही है।