
पुलिस थाना के बाहर प्रदर्शन करते मृतत के परिजन और कांग्रेस पार्टी के नेता। (Pic: Social Media)
Dewas News: प्रदेश के देवास जिले के सतवास थाने में पुलिस हिरासत में एक युवक की मौत होने का मामला सामने आया है। शासन की ओर से मामले में कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी आशीष राजपूत को निलंबित कर दिया गया है। मामले में थाना प्रभारी के लापरवाही सामने आयी है। वहीं मामले को लेकर प्रदेश में राजनीति गरमा गई। विपक्षी पार्टियों ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। जहां प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने प्रदेश सरकार पर कटाक्ष किया है। उन्होने राज्य में जंगल राज बताया है।
सीसीटीवी फुटेज दिखाएं पुलिस - परिजन
मालूम हो कि जिले के सतवास थाने में मुकेश (35) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वह ग्राम मालगांव का निवासी था। परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी मौत पुलिस प्रताड़ना और मारपीट की वजह से हुई है। मृतक के परिजनों ने मांग की है कि उन्हें सीसीटीवी फुटेज दिखाया जाए उसके बाद शव का परीक्षण कराएंगे। इधर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के नियमानुसार मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा मर्ग जांच संपादित की जा रही है। शव का परीक्षण डॉक्टरों के पैनल द्वारा करवाया जा रहा है। केस में निष्पक्ष तरीके से जांच की जा रही है। इस जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
थाना परिसर के सामने परिजन और कांग्रेस नेताओं का प्रर्दशन
थाने में पुलिस हिरासत में दलित युवक की मौत के मामले में कांग्रेस ने राज्य सरकार और पुलिस व्यवस्था पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि मप्र में रक्षक ही भक्षक बन गए हैं, पुलिस अभिरक्षा में दलित युवक की मौत। मामले में परिजनों का आरोप है कि पुलिस की प्रताड़ना से उसकी मौत हुई। परिजन सतवास थाने के सामने धरने पर बैठे हैं, उनकी मांग है कि उन्हें सीसीटीवी फुटेज दिखाएं उसके बाद ही शव परीक्षण कराएंगे। मेरी डीजीपी महोदय से मांग है कि सतवास थाना इंचार्ज समेत अन्य पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर इस मामले की निष्पक्षता से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करवाएं।
Updated on:
29 Dec 2024, 6:03 PM IST
Published on:
29 Dec 2024, 6:02 PM IST
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