
आज के दौर में हर मनुष्य अपना भविष्य पहले से ही जान लेना चाहता है, इसके लिए कई तरह के जीव जंतु सहित उसके साथ होने वाली घटनाएं भी उसकी मदद करती हैं। ये घटनाएं उसे भविष्य का इशारा भर देती है कि उसका आने वाला समय कैसा होगा।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में कुछ जगह ऐसी भी हैं, जहां से आने वाले बड़े संकट के संबंध में पहले ही संकेत मिलने शुरू हो जाते है। यदि नहीं तो आज हम आपको उन जगहों के बारे में बताएंगे, जो किसी भी आपदा से पहले इशारा करती हैं।
इस संबंध में जानकारों का कहना है कि भगवान हर मुश्किल समय में अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और हर संकट से उबारते हैं। लेकिन भक्तों की सच्ची श्रद्धा का असर कहें या फिर ईश्वर का चमत्कार, भारत में ऐसे कई मंदिर हैं जो किसी भी विपत्ति या महामारी आने से पहले ही अपने भक्तों को इशारा कर इस संबंध में बता देते हैं।
इसके साथ ही भगवान अपने भक्तों कोई ना कोई ऐसा मार्ग भी दिखा देते हैं, जिससे वह किसी परेशानी में ना पड़ जाएं। आज हम आपको जिन मंदिरों के बारे में बता रहे हैं उन मंदिरों के बारे में कहा जाता है कि वे महामारी या आने वाली आपदा के बारे में पहले ही इशारों में बता देते हैं….
वैशाली : चमगादड़ मंदिर...
बिहार के वैशाली जिले में चमगादड़ों की पूजा की जाती है। इस गांव का कोई भी शुभ कार्य इन चमगादड़ों की पूजा के बिना पूरा नहीं होता है। स्थानीय निवासियों की मानें तो ये चमगागड़ किसी भी तरह की महामारी से उनकी मदद करते हैं। कहा जाता है कि एक बार वैशाली जिले में महामारी फैली थी, तब अचानक ये चमगादड़ यहां इकट्ठा हुए, जिससे महामारी चली गई। तब से लेकर अब तक इन चमगादड़ों ने गांव को हर तरह की महामारी से बचाया है।
कश्मीर : खीर भवानी मंदिर...
कश्मीर के तुला मुला गांव में खीर भवानी मंदिर है, माना जाता है कि यह मंदिर भी किसी भी आपदा आने से पहले बता देता है। कश्मीरी पंडितों के इस मंदिर में मां खीर भवानी को केवल खीर का ही भोग लगता है। मंदिर में एक चमत्कारिक झरना है, जिसका किसी भी विपत्ति आने पर पानी काला पड़ जाता है। स्थानीय लोगों की मानें तो पानी का रंग बदलने से पता चल जाता है कि कोई विपत्ति आने वाली है।
हिमाचल : ब्रजेश्वरी मंदिर...
हिमाचल के कांगड़ा जिले में स्थित ब्रजेश्वरी देवी मां के मंदिर में भैरव भी विराजति हैं। मंदिर की खासियत है कि यहां भगवान निकट भविष्य में आने वाले किसी संकट के बारे में भक्तों को इशारों से पहले ही आगह कर देते हैं। यहां के आसपास के क्षेत्रों में जैसे ही कोई परेशानी आनी वाली होती है तो भैरव बाबा की मूर्ति से आंसुओं का गिरना शुरू हो जाता है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार इसी से आने वाली समस्याओं का पता लगाते हैं। भैरव की मूर्ति को पांच हजार साल से भी ज्यादा पुराना बताया जाता है।
बिलासपुर : खंभदेश्वरी मंदिर
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में खंभदेश्वरी मंदिर काफी प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि यह मंदिर जिले में आने वाली समस्या से पहले ही बता देता है। यहां संकेतों के तहत मंदिर में काफी कुछ परिवर्तन आने लगता है, जिससे आने वाली आपत्ति के संबंध में इशारा मिल जाता है। यहां पहाड़ की चोटी पर गुफा में माता का मंदिर है, जिसमें लगभग 10 फीट के भीतर खंभे की आकृति में देवी विराजमान है।
ग्रामीणों का मानना है कि यहां देवी साक्षात विराजमान हैं, यहां माता किसी भी विपत्ति के आने से पहले ही बता देती हैं। बताया जाता है कि याहं एक बार एक बालक गाय चराते हुए मां खंभदेश्वरी मंदिर गया और जिज्ञासावश वह गुफा के अंदर घुस गया और बाहर नहीं निकला। जब बच्चे की खोजबीन गांववालों ने शुरू की तो वह दो दिन बाद सकुशल गुफा से निकला। बालक ने बताया कि वह मां की शरण में था और उन्होंने ही मेरा ध्यान रखा। सभी लोग यह चमत्कार देखकर अंचभित हो गए।
Updated on:
13 Apr 2020, 4:38 PM IST
Published on:
13 Apr 2020, 4:38 PM IST
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