
क्या आप भी अपने बच्चे की पढ़ाई को लेकर टेंशन में रहती हैं, क्योंकि आपका बच्चा मन लगाकर पढ़ाई नहीं करता? क्या पढ़ाई करते हुए भी आपके बच्चे का ध्यान इधर-उधर भटकता रहता है? अगर आपके पास इन सवालों का जवाब हां में है, तो पत्रिका.कॉम का ये लेख जरूर पढ़ लें। दरअसल कई बार लाख कोशिशें करने के बावजूद अगर आपका या आपके बच्चे का पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है, तो आपको अपनी या बच्चे की जन्मकुंडली पर गौर फरमाना चाहिए। क्योंकि कुछ ज्योतिषी कारणों से भी बच्चों का या आपका मन पढ़ाई करने में नहीं लगता है। यही नहीं कुंडली में मौजूद जिन ग्रहों की स्थिति के कारण ऐसा हो रहा है, तो ज्योतिष में इसके उपाय भी बताए गए हैं।
ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप पांडे कहते हैं कि जन्म कुंडली के दूसरे घर या भाव में बुध, गुरु और शुक्र ग्रहों का बड़ा महत्व माना गया है। इस भाव में होने पर ये ग्रह विद्या और बुद्धि से घनिष्ठ संबंध रखते हैं। जन्म कुंडली में बृहस्पति के शुभ स्थान पर बैठने से गणित, बुध से डॉक्टर, शुक्र से गायक, मंगल से न्याय, गणित, सेना, सूर्य से वेदांत, चंद्रमा से वैद्य या जलीय क्षेत्रों में कॅरियर बनता है।
बुध ग्रह का असर
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में छठे, आठवें या फिर बारहवें भाव में बुध ग्रह बैठा होता है और इस पर बृहस्पति की दृष्टि पड़े तो, ऐसे में व्यक्ति की शिक्षा में काफी परेशानियां आती हैं। इनकी शिक्षा अधूरी छूटने की आशंका बनी रहती है। काफी मेहनत के बाद भी ये लोग कॅरियर में अच्छा मुकाम हासिल नहीं कर पाते।
चंंद्रमा का प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि चंद्रमा मन को बेहद प्रभावित करता है। इसके अलावा चंद्रमा का संबंध शिक्षा के साथ भी माना जाता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली चंद्रमा दोष से पीडि़त है तो, ऐसे में उस व्यक्ति को शिक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ता है, लेकिन यदि जन्म कुंडली में चंद्रमा जिस घर में बैठा है, उस घर पर देव गुरु बृहस्पति की नजर हो तो परिणाम ज्यादा बुरे नहीं आते।
अच्छे परिणाम के लिए करें ये उपाय
70 सेमी सफेद कपड़ा, 70 ग्राम चावल, 7 सफेद फूल, 70 ग्राम सफेद तिल, जनेऊ के 7 जोड़े, सात धार्मिक पुस्तकें या सात दुर्गा चालीसा, सफेद चंदन के छोटे-छोटे 7 टुकड़े, सरस्वती यंत्र, यंत्र के नीचे बच्चे का नाम लिख कर इन सभी वस्तुओं को बृहस्पतिवार के दिन बच्चे के हाथ लगवा कर उसे सफेद कपड़े में बांध दें। अब 'ऊँ श्रीं हीं क्लीं नम:' की एक माला का जाप करके सारे सामान की पोटली को किसी भी देवी-देवता के चित्र या फिर मां सरस्वती के चित्र के पीछे घर में किसी सुरक्षित जगह पर रख दें।
इसका असर कुछ दिन बाद ही नजर आने लगेगा। आपका बच्चा पढ़ाई में रुचि लेने लगेगा और उत्तीर्ण होगा। बच्चा उत्तीर्ण हो जाए तो सामान को मंदिर में दक्षिणा के साथ दान कर दें या फिर जल में प्रवाहित कर दें। अलग-अलग बच्चों के लिए यह उपाय अलग-अलग करना चाहिए।
ये उपाय करने से भी मिलेगी राहत
- सुबह उठकर तुलसी के पत्तों का सेवन करना चाहिए।
- इसके साथ ही 'ऊँ ऐं सरस्वतयै नम:' का जाप करें।
- हर बुधवार को भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ानी चाहिए।
- सूर्य देव को जल से अघ्र्य दें।
- रोज सुबह गायत्री मंत्र का जाप करें।
- हरे कपड़े पहनें. सुबह स्नान के बाद पीला चंदन माथे, कंठ और सीने पर लगाएं।
- हरी सब्जियों और सलाद का सेवन करें।
- एकाग्रता बढ़ाने और बनाए रखने के लिए पन्ना रत्न धारण करें। यहां ध्यान रखें कि किसी विद्वान ज्योतिष की सलाह पर ही रत्न धारण करें।
Published on:
17 Jan 2023 05:00 pm
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