दरअसल, यूट्यूब पर नसीरुद्दीन शाह का एक वीडियो जारी हुआ है। जिसमें वह कह रहे हैं, देश में लोगों को कानून हाथ में लेने की खुली छूट दी गई है। कई क्षेत्रों में हम देख रहे हैं कि एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत से ज्यादा गाय की मौत को अहमियत दी जा रही है। मुझे अपनी औलादों के बारे में यह सोचकर फिक्र होती है, क्योंकि मैंने अपने बच्चों को मजहब की तालीम बिल्कुल नहीं दी है। हमने उन्हें अच्छाई और बुराई के बारे में ही सिखाया है और मेरा मानना है कि अच्छाई और बुराई का मजहब से कोई लेना-देना नहीं है।