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बड़ी खबर : इन 6 शहरों पर मंडराया पोलियो का खतरा, केंद्र सरकार ने बताया संवेदनशील

देश के कुछ शहरों में पोलियो का वायरस पी-2 मिला है और केंद्र सरकार ने शहरों व जिलों में जांच के निर्देश दिए हैं।
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नोएडा

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Rahul Chauhan

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Updated: 15 Mar 2018, 1:06 PM IST

polio

नोएडा। देश को अभी तक पोलियो मुक्त बताया जाता रहा है लेकिन अब एक बार फिर बच्चों पर इस घातक बीमारी का खतरा मंडरा रहा है। जिसके चलते केंद्र सरकार ने संवेदनशील शहरों व जिलों को चिन्हित करना शुरु कर दिया है और इस क्रम में यूपी के छह जिलों को संवेदनशील मानते हुए एनवायरनमेंटल सर्विलांस फॉर पोलियो प्रोग्राम में शामिल किया गया है। । दरअसल, हैदराबाद समेत देश के कुछ शहरों में पोलियो का वायरस पी-2 मिला है। पोलियो के वायरस में पी-2 सबसे ज्यादा खतरनाक माना जाता है।

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इन जिलों को माना संवेदनशील

देश के शहरों में इस वायरस के सामने आने पर केंद्र सरकार द्वारा यूपी के जिन 6 जिलों को संवेदनशील माना है उनमें गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, वाराणसी, इलाहाबाद और आगरा शामिल हैं। इन जिलों में केंद्र सरकार के एनवायरनमेंटल सर्विलांस फॉर पोलियो प्रोग्राम के तहत सीवेज के सैंपलों की जांच के निर्देश दिए गए हैं।

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जांच के लिए भेजे गए सैंपल

बता दें कि केंद्र सरकार के निर्देश के बाद जनवरी से अब तक गाजियाबाद के विजयनगर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से 6 बार और नोएडा के सेक्टर-54 स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से भी 6 सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। इन सैंपलों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इन जिलों में वायरस का खतरा है या नहीं।

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इन 6 जिलों में है माइग्रेंट पॉपुलेशन

केंद्र सरकार ने गौतमबुद्ध नगर समेत यूपी से जिन 6 जिलों को संवेदनशील माना है वहां माइग्रेट पॉपुलेशन अधिक है। इसके साथ ही इन शहरों में उन देशों से पर्यटक आते हैं, जहां पोलियो अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हो सका है।

ऐसे हो सकता है वायरस का प्रभाव

2016 में हैदराबाद में पोलियो पी-2 वायरस मिलने के बाद देशभर के शहरों व जिलों में जांच के निर्देश दिए गए हैं। इस वायरस का प्रभाव बच्चों पर होता है। बता दें कि सीवेज का सही ट्रीटमेंट नहीं होने पर यह पानी जल आपूर्ति के पीने के पानी में मिलने पर यदि उसे बच्चे पी लें तो पोलियो वायरस बच्चों में प्रवेश कर सकता है।

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रिपोर्ट आने के बाद होगी पुष्टि

सीएमओ डॉ. अनुराग भार्गव ने बताया कि भारत में पी-2 वायरस बहुत पहले खत्म हो चुका है लेकिन कुछ समय पहले हैदराबाद में इस वायरस के मिलने से फिर से जांच की जा रही है। केंद्र सरकार ने जिले को एनवायरनमेंटल सर्विलांस फॉर पोलियो प्रोग्राम में शामिल किया है और जनवरी से अब तक सेक्टर-54 स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से 6 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। अब इन सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पुष्टि होगी कि यहां खतरा है या नहीं।