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CWG 2018: लंगोट बेचने वाले की बेटी कॉमनवेल्थ गेम्स में विदेशियों को देगी पटखनी

दिव्या काकरान के पिता और मां लंगोट बनाकर बेचते हैं।
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नोएडा

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Rahul Chauhan

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Updated: 12 Apr 2018, 4:03 PM IST

divya kakran

नोएडा। ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में नोएडा कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन की छात्रा दिव्या काकरान राष्ट्रमंडल खेल की कुश्ती स्पर्धा में भारत की ओर से शुक्रवार को खेलेंगी और शहर का नाम रोशन करेंगी। इतना ही नहीं, नोएडावासियों समेत पूरे देश को उनसे यहां भी पदक जीतने की उम्मीद की जा रही है।

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बता दें कि दिव्या काकरान दादरी के धूममानिकपुर स्थित एनसीपीई की बीपीई के तीसरे वर्ष की छात्रा हैं जो कि 68 किलोभार वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। इनकी खासियत कुश्ती के दौरान फुर्ती है। दिव्या इससे पहले राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में 10 स्वर्ण, 2-2 रजत और कांस्य पदक जीत चुकी हैं।

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इनके पिता सूरजसेन वर्ष 2000 में 500 रुपये के किराये के मकान में रहते थे और वह पहलवानों के लंगोट बनाकर बेचने का काम करते हैं। अभी भी इनके घर की आर्थिक स्थिति कुछ ठीक नहीं है और इसलिए ही दिव्या ने अखाड़े में उतरने का फैसला किया। इटावा के दंगल में उन्होंने एक लड़के को महज 8 सेकंड्स के भीतर चांद-तारे दिखा दिए थे।इसके अलावा दिव्या ने पिछले साल मध्यप्रदेश के इंदौर में आयोजित राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप में 68 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड जीता था। इससे पहले एशियन चैंपियनशिप में उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था।

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सीमा तोमर निशानेबाजी में दिखाएंगी दमखम

नोएडा के सेक्टर-120 में रहने वाली ट्रैप शूटर सीमा तोमर भी शुक्रवार को दमखम दिखाएंगी। कॉमनवेल्थ गेम्स में इस बार भी शूटिंग पर भारतीयों की खास निगाह रहेंगी। बता दें कि बागपत के जौहडी गांव की रहने वाली सीमा तोमर इस समय सबसे तेजतर्रार शूटर्स में गिनी जाती हैं। अभी तक उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुल 18 पदक जीते हैं। वहीं नेशनल स्तर पर सीमा 46 पदक अपनी झोली में डाल चुकी हैं।