
Artists composing Ganapati statues
नोएडा।गणेश चतुर्थी की तैयारियां शुरू हो गईं हैं। दस दिनों तक चलने वाला गणेश चतुर्थी का पर्व इस बार 13 सितंबर गुरुवार से 23 सितंबर रविवार तक चलेगा। गणेश चतुर्थी त्योहार पर लोग अपने घर गणेश जी की मूर्ति लाते हैं और दस दिनों तक रोज उनकी सेवा करते हैं। यह त्योहार पूरे देश में धूम-धाम से मनाया जाता है लेकिन महाराष्ट्र में गणेश उत्सव का काफी महत्व है। गणेश चतुर्थी की शुरूआत हरतालिका तीज के अगले दिन होगी। यानी 12 सितंबर को हरतालिका तीज है और 13 सितंबर से गणेश चतुर्थी।
गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश के जन्म हुआ था और इसलिए गणेश जन्मोत्सव मनाया जाता है। यह भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है इसलिए इसे Ganesh Chaturthi भी कहा जाता है। अग्रेजी कैलेण्डर के अनुसार गणेश चतुर्थी का दिन अगस्त अथवा सितम्बर के महीने में आता है। लोग अपने घरों में गणेश जी की प्रतिस्थापना करते हैं और घरों में जागरण करते हैं। दस दिन बाद लोग गणेश जी को विसर्जित गंगा आदि में प्रवाहित करते हैं।
गणेश महोत्सव को लेकर बाजार भी तैयार हो चुके हैं, बाजारों में तरह-तरह की गणेश मूर्तियां बनाई जा रहीं हैं जिसके अलग-अलग रेट हैं। छोटी सी छोटी गणेश जी की मूर्ती 600 से 700 और बड़ी मूर्तियों की कीमत 10000 से 20000 तक बाजार में उपल्ब्ध हैं। नोएडा सेक्टर 31 में मूर्ति बनाने वाले इकबाल कारीगर का कहना है कि इस बार Ganesh Chaturthi के लिए ज्यादातर मूर्तियां इको फ्रेंडली बनाई गईं हैं। जिससे गंगा या समुद्र में विसर्जन से पानी दूषित न हो। उन्होंने बताया कि यहां से दिल्ली-एनसीआर के लोग प्रतिमा खरीदकर ले जाते हैं। गणेश चतुर्थी को लेकर ऑर्डर अभी से आने शुरू हो गए हैं।
Updated on:
13 Sep 2018, 11:07 AM IST
Published on:
5 Sep 2018, 12:41 PM IST
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