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Good News: गर्म पानी और यह खाना देकर ठीक किए गए कोरोना के मरीज

Highlights Noida में चार मरीज ठीक होकर पहुंचे घर Greater Noida के जिम्स में भर्ती थे चारों मरीज डॉक्टर ने बताया, कैसे हुआ इनका इलाज
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नोएडा। गौतम बुद्ध नगर (Gautam Budh Nagar) जिले में अब तक कोरोना (Corona) के चार मरीज ठीक हो चुके हैं। उनको उनके घर वापस भेजा जा चुका है। गुरुवार (Thursday) को तीन मरीज अपने घर चले गए। इनका इलाज ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (Gims) में चल रहा था। जिम्स के डॉक्टरों ने केवल 10 दिन में इनको ठीक करके घर भेज दिया है। इनको ठीक करने के लिए डॉक्टरों ने गर्म पानी, स्पेशल डाइट और मोटिवेशन का सहारा लिया।

मरीजों को दिया गया थर्मामीटर

जिम्स के डायरेक्टर ब्रिगेडियर डॉ. राकेश गुप्ता का कहना है कि मरीजों का इलाज 20 डॉक्टरों की टीम ने किया है। हर मरीज पर 24 घंटे नजर रखी गई है। इस बीच मरीज की हर गतिविधि को रिकॉर्ड किया गया। इस दौरान मरीज को स्वस्थ करने के लिए हेल्दी डाइट ही नहीं बल्कि मोटिवेट करना भी जरूरी होता है। इसमें घबराने की जरूरत नहीं है। खुश रहने और धैर्य रखने की आवश्यकता होती है। मरीजों का ध्यान रखने के लिए एक व्हाट्सऐप (Whatsapp) ग्रुप भी बनाया गया है। इसमें अस्पताल के मेडिकल स्टाफ और मरीजों के जोड़ा गया है। इस पर मरीज की हर पल की रिपोर्ट ली जाती है। ग्रुप पर ही मरीज के खान—पान की भी जानकारी ली जाती है। साथ ही मरीज को अपना टैंपरेचर नापने के लिए एक थर्मामीटर भी दिया गया है।

डाइट का रखा गया ख्याल

उन्होंने कहा कि मरीजों की डाइट का विशेष ख्याल रखा गया है। इसका सख्ती से पालन किया गया है। पीने के लिए उनको केवल गर्म पानी दिया गया। इससे मरीज को ब्लड प्रेशर सही रहा। साथ ही उनको गले में दर्द, बुखार और जुकाम से राहत मिली। नाश्ते में इनको दाल का पानी व सूप भी दिया गया। ठंडे पानी, चावल, दही जैसी चीजों को इनसे दूर रखा गया। इस बीच मरीजों को पपीता और सेब दिया गया।

हरी सब्जियों के साथ दी गई दाल

उन्होंने बताया कि लंच व डिनर में लौकी और तुरई आदि हरी सब्जियों के साथ दाल दी गई। नाश्ते और लंच व डिनर का समय का खासा ख्याल रखा गया। सुबह 7 से 8 के बीच नाश्ता, दोपहर 12 से 1 के बीच लंच और रात को साढ़े 7 से 8 बजे के बीच डिनर दिया गया। मरीजों को ठीक नींद लने को कहा गया। साथ ही उनको योग और हल्की एक्सरसाइज भी कराई गई। बीच—बीच में उनको मोटिवेट भी किया जाता रहा। साथी ही उनको सामान्य दवाएं भी दी गईं।