सृष्टि ने बताती हैं कि महिलाओं के लिए वह एक पदयात्रा कर रही हैं। जिसमें वह 260 दिनों में कन्याकुमारी से कश्मीर लगभग 3800 किमी पैदल चलेंगी। इस दौरान जिस शहर में वह पहुंचती हैं, वहां गर्ल्स और वुमंस के लिए आईएमए चेंज मेकर, अपने अधिकारों को जानें, डिजिटल साक्षरता, स्वच्छता और नेतृत्व आदि विषय पर एक वर्कशॉप लेती हैं। सृष्टि कहती है की देश में महिलाओ की सुरक्षा के लिए सरकार ने कई पहल की हैं, कानून भी बनाया गया है। लेकिन लोग जब तक उसमें अपनी भागीदारी नहीं दिखांएगे तब तक सारी योजनाएं कामयाब नहीं होगी।