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पिता द्वारा प्रचार को मना करने पर जानिए क्या बोले कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. अरविंद सिंह, देखें वीडियो

-डॉ अरविंद सिंह को कांग्रेस प्रत्याशी बनाए जाने के बाद से लगातार विरोध हो रहा है -अरविंद के पिता जय वीर सिंह बसपा सरकार में उत्तर प्रदेश के मंत्री रह चुके हैं

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पिता द्वारा प्रचार को मना करने पर जानिए क्या बोले कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. अरविंद सिंह, देखें वीडियो

नोएडा। कांग्रेस ने गौतमबुद्ध नगर से इस बार बसपा से कांग्रेस में आए डॉ अरविंद सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है। अरविंद सिंह ने 2014 में अलीगढ़ से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था और भाजपा के सतीश गौतम से चुनाव हार गए थे। अरविंद के पिता जय वीर सिंह बसपा सरकार में उत्तर प्रदेश के मंत्री रह चुके हैं।

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डॉ अरविंद सिंह को कांग्रेस प्रत्याशी बनाए जाने के बाद से लगातार विरोध हो रहा है, लेकिन अरविंद सिंह ऐसा नहीं मानते। वे कहते हैं कि वह नोएडा के बाहरी नहीं हैं और न ही उनके व पिता के बीच कोई विरोध है। उनका कहना है कि पिता से मतभेद हो सकते हैं, लेकिन उनका आशीर्वाद साथ है।

दरअसल, कांग्रेस के घोषित उम्मीदवार डॉ. अरविंद सिंह के पिता बसपा सरकार में शक्तिशाली मंत्री रहे ठाकुर जयवीर सिंह अब भाजपा में हैं। उन्होंने अरविंद के कांग्रेस के टिकट पर गौतमबुद्ध नगर से लोकसभा चुनाव लड़ने पर प्रचार करने से यह कहकर इंकार कर दिया था कि वह भाजपा के निष्ठावार कार्यकर्ता हैं और बेटे से उनका कोई मतलब नहीं है। वह अपने बेटे का प्रचार नहीं करेंगे।

ठाकुर जयवीर सिंह के बयान के बाबत पूछे गए सवाल के जवाब में डॉ. अरविंद सिंह ने कहा कि उनका अपने पिता से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। विचारधाराएं सबकी अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन सभी को एक दूसरे का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिता की विचारधारा उनकी विचारधारा से अलग हो सकती है, लेकिन उनका आशीर्वाद साथ है।

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डॉ. अरविंद सिंह ने कहा कि ये हर परिवार में होता है कि कोई किसी को सपोर्ट करता है, कोई दूसरे को। यह कोई गंभीर बात नहीं है। विचार धाराएं अलग हो सकती हैं और इसका सम्मान होना चाहिए। एक सवाल के जवाब में उन्हें कहा कि हर किसी को मार्गदर्शन की जरूरत होती है। उन्होंने अपने पापा से बहुत कुछ सीखा है।

मौजूदा चुनाव में मुद्दों की चर्चा करते हुए कांग्रेस प्रत्याशी अरविंद ने कहा कि यहां सबसे बड़ा मुद्दा युवाओं की बेरोजगारी का है। गौतमबुद्ध नगर जिले में ही दो लाख से अधिक शिक्षित युवा बेरोजगार हैं। उनमें बी.टेक और एमबीए किए लोग भी हैं। उनकी कोशिश होगी कि इस कमी को अति शीघ्र दूर कर दिया जाए।

उन्होने किसानों के बाबत कहा कि उनकी जमीनों का अधिग्रहण हो जाता है, लेकिन उसके बदले में उन्हें कोई सुविधाएं नहीं मिल पाती। किसानों को उनकी फसल का मूल्य भी नहीं मिल पाता है। वह प्रयास करेंगे कि स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों को लागू कर किसानों को लाभ पहुंचाया जाए। इतने विकसित शहर में भी महिलाएं आजादी से घूम नहीं सकती। महिलाओं के प्रति अपराध को रोकने के लिए सड़कों को सीसीटीवी कैमरों के दायरे में लाने और महिला पुलिस को तैनात करने का प्रयास किया जाएगा।

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उन्होंने गौतमबुद्ध नगर में वेस्ट मैनेजमेंट और प्रदूषण को भी कड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि वेस्ट मैनेजमेंट न होने से जनसामान्य के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। प्रदूषण आमजन से जुड़ा मुद्दा है और सर्दियों में ऐसा लगता है कि पूरा क्षेत्र ही गैस चेंबर में तब्दील हो गया है।