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Lockdown: किरायेदारों को बड़ी राहत, 1 महीने तक किराया नहीं मांग सकेंगे मकान मालिक, होगी 1 साल की जेल

Highlights: -शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि मकान मालिक लोगों पर किराये के लिए दबाव बना रहे हैं -किराया न देने पर उन्हें मकान खाली करने की चेतावनी दी जा रही है -जिलाधिकारी ने शनिवार को इस बाबत आदेश जारी किया है
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नोएडा। देशभर में लगाए गए लॉकडाउन के बीच फैक्ट्री व कंपनियां बंद होने के चलते लोग अपने-अपने गृहजनपदों को पलायन कर रहे हैं। जिसके चलते लोग पैदल ही हाईवे पर नजर आ रहे हैं। वहीं इस पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ऐसे लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए 1000 बसें चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इस सबके बीच गौतमबुद्ध नगर जिलाधिकारी ने ऐसे लोगों को बड़ी राहत दी है जो किराय के मकानों में यहां रह रहे हैं।

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दरअसल, प्रशासन को सोशल मीडिया पर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि मकान मालिक लोगों पर किराये के लिए दबाव बना रहे हैं। किराया न देने पर उन्हें मकान खाली करने की चेतावनी दी जा रही है। जिसके चलते वह अपने-अपने गांव जाने को मजबूर हो रहे हैं। इसके मद्देनजर जिलाधिकारी बी.एन सिंह द्वारा शनिवार को जिले के सभी मकान मालिकों को किसी भी कर्मचारी व मजदूर से एक माह तक किराया वसूलने के लिए दबाव न बनाने के आदेश दिए हैं। वहीं अगर कोई किरायेदार पर दबाव बनाता है तो वह उसकी शिकायत जनपद के इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूप के नंबर 0120-2544700 पर कर सकता है।

जिलाधिकारी बी.एन सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 में निहित प्रवाधानों के अनुसार जनपद के सभी भवन स्वामियों को आदेश दिया गया है कि वह किसी भी मजदूर/कर्मचारी जो जनपद की विभिन्न इकाइयों, कंपनियों, कार्यालयों में कार्यरत हैं, उनसे एक माह तक किसी भी स्थिति में किराए की मांग नहीं की जाएगी। किराया एक माह के बाद ही लिया जाएगा।

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आदेश नहीं मानने पर जाना पड़ सकता है जेल

उन्होंने बताया कि यदि कोई भवन स्वामी उक्त आदेशों का उल्लंघन करता है तो राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 के अंतर्गत दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिसमें एक वर्ष तक की सजा या अर्थदण्ड या दोनों हो सकता है। वहीं आदेश के उल्लंघन से किसी भी तरह की जान-माल की क्षति होती है तो यह सजा दो वर्ष तक हो सकती है।