बता दें कि सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में ठाकुर और दलितों के बीच 2017 में हुई हिंसा के बाद चंद्रशेखर का नाम उभरकर सामने आया था। चंद्रशेखर पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ और वह जेल गया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2 नवंबर 2017 को चंद्रशेखर जमानत दी थी। उनपर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाकर गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद चंद्रशेखर लगातार राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय रहे। यहां तक की सीएए को लेकर भी चंद्रशेखर ने केंद्र सरकार के विरोध में दिल्ली में भी प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान चंद्रशेखर को जेल भेजा गया था।