
नोएडा। कैराना लोकसभा एवं नूरपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए आज (गुरुवार) से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई पर अभी तक किसी भी दल ने दोनों में से किसी सीट पर अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। माना जा रहा है कि अभी सभी दल अपने-अपने प्रत्याशियों को लेकर मंथन में जुटे हैं। इनमें सत्तारूढ़ भाजपा एवं मुख्य विपक्षी दल सपा प्रमुख रूप से शामिल हैं। दरअसल ये दोनों सीटें भाजपा सांसद और विधायक के निधन से खाली हुईं हैं। इसलिए भाजपा इन सीटों को लेकर कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहती।
सूत्रों के मुताबिक पार्टी इन सीटों को जीतकर फूलपुर और गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव की हार का बदला लेना चाहती है साथ ही अपनी सीटों पर कब्जा बरकरार रखकर अपनी इज्जत बचाना चाहती है। इधर सपा भी बसपा द्वारा समर्थन के इंतजार में है। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव बसपा प्रमुख मायावती की सपा को समर्थन देने की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। बीते लोकसभा व विधानसभा चुनाव में दोनों सीटों पर सपा प्रत्य़ाशी को दूसरा स्थान मिला था। इसलिए सपा भी इन सीटों को जीतने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। फिलहाल की स्थिति को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि सभी दल फूंक-फूंककर कदम रख रहे हैं।
प्रत्याशी चयन को लेकर सभी के पसीने छूटते नजर आ रहे हैं। हालांकि सूत्रों की मानें तो भाजपा से कैराना से दिवंगत भाजपा सांसद हुकुम सिंह की बेटी का टिकट लगभग फाइनल है, जबकि नूरपुर सीट से भी दिवंगत भाजपा विधायक लोकेंद्र चौहान की पत्नी अवनि सिंह का भी टिकट लगभग फाइनल है। अगर इन सीटों पर सपा-बसपा का गठबंधन हुआ तो भाजपा को जीत के लिए कड़ी मशक्तत करनी पड़ेगी क्योंकि दोनों ही सीटों पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अच्छी है।
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03 मई से 10 मई तक होगें नामंकन
11 को होगी नामांकन पत्रों की जांच
14 मई को होगी नाम वापसी
28 मई को मतदान
31 मई को होगी मतगणना
Published on:
3 May 2018, 3:59 PM IST
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