
सहारनपुर। भीम आर्मी व युवा शक्ति दल के बीच चंदे में जमा हुए करीब 18 लाख रुपये को लेकर घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को रवि गौतम ने दो वीडियो वायरल किए हैं। इनमें भीम आर्मी के पदाधिकारियों को लाखों रुपये सौंपते हुए साफ-साफ नजर आ रहे हैं। साथ ही यह भी बता रहे हैं कि कि यह रुपया किसे-किसे बांटना है।आरोप है कि पूरा साल बीत गया, लेकिन आज तक उन्हें लाखों रुपये का हिसाब नहीं दिया गया। गाजियाबाद में रहने वाले युवा शक्ति दल के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि कुमार गौतम का दावा है कि भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर आजाद और राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन के लिए उन्होंने उस वक्त मदद की, जब शासन-प्रशासन के डर से सभी अपने-अपने घरों में छिप रहे थे।
रवि ने बताया कि दिल्ली में प्रदर्शन के लिए भीम आर्मी को अनुमति नहीं मिली थी। इसके चलते उन्होंने अपने संगठन पर अनुमति मांगी थी। पिछले साल 21 मई के प्रदर्शन में समाज से चार लाख 92 हजार और 18 जून के प्रदर्शन में 12 लाख 39 हजार से ज्यादा रुपये जमा किए गए थे। गौतम का कहना है कि दिल्ली प्रदर्शन में पहुंचे शब्बीरपुर के प्रधान शिव कुमार के छोटे भाई राज कुमार को करीब साढ़े पांच लाख रुपये दिए गए, ताकि वह गांव के हिंसा पीड़ित 56 परिवारों के बीच बराबर-बराबर बांट दें। इसके अलावा भीम आर्मी के जिला महासचिव विजय कुमार को भी करीब साढ़े पांच लाख रुपये सौंपे गए, जिन्हें कहा था कि जातीय हिंसा में समाज के जेल गए करीब 44 लड़कों को भी खर्च के लिए बांट दिए जाएं।
वायरल वीडियो में रवि के साथ बालक राम बौद्ध भी दिख रहे हैं। मीडिया से हुई बातचीत में रवि गौतम ने कहा कि उन्हें आज तक यह नहीं बताया गया कि उक्त रुपये सही पात्रों तक पहुंचे या नहीं? एक मिनट 33 सेकंड तथा तीन मिनट 50 सेकंड के दो वीडियो वायरल हो चुके हैं। इससे पूर्व तीन ऑडियो भी वायरल हुए हैं। मगर इस संबंध में भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर चुप्पी साधे हैं। गुरुवार को भी उनका मोबाइल बंद था। समाज ने अगर पीड़ितों के लिए रुपया एकत्रित किया है तो वह रुपया समाज के पास चला गया होगा। वायरल वीडियो में रवि गौतम क्या कह रहे हैं, और क्यों कह रहे हैं?
Updated on:
05 Oct 2018 02:32 pm
Published on:
05 Oct 2018 02:32 pm
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