
नोएडा। 8 नवंबर 2016 का दिन शायद ही कोई भूला होगा क्योंकि इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की ऐतिहासिक घोषणा करते हुए 1000 और 500 के नोट बंद कर दिए थे। साथ ही नए 500 और 2000 के नोट लाने की घोषणा की थी। जिसके बाद कैश की किल्लत पैदा हो गई थी और वेस्ट यूपी समेत देशभर के एटीएम के बाहर लंबी-लंबी कतारे लगने लगी थी। हालांकि अब स्थिति काफी बदल गई हैं। लेकिन अभी भी कैश की किल्लत पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है।
लोगों की रहती है शिकायत
अक्सर नोएडा के एटीएम से पैसे निकालने वाले लोगों की शिकायत रहती हैं कि उन्हें 100 के नोट नहीं मिलते। जिसके बाद लोगों के सामने यह भी एक नई समस्या आ रही है क्योंकि लोगों को उनकी जरूरत के हिसाब से 100 रुपये नोट नहीं मिल रहे। जिसके चलते यह भी कहा जा रहा है कि 100 रुपये के पुराने व मटमैले नोट की वजह से यह संकट गहरा रहा है।
नोट की सप्लाई व संख्या कम
नोएडा के एक प्राइवेट बैंक के मैनेजर ने नाम नहीं लिखने की शर्त पर बताया कि 100 रुपये के नए नोटों की संख्या और सप्लाई दोनों ही डिमांड के मुताबिक कम है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसका कारण यह है कि 100 रुपये के ज्यादातर नोट मटमैले हो चुके हैं। जो कि एटीएम में डालने लायक नहीं हैं। वहीं इनमें से कुछ नोट 2005 से भी पहले के भी हैं।
बैंकों को इन नोटों को संभालन मुश्किल
मैनेजर ने बताया कि नोटबंदी के दौरान हुई कैश की किल्लत को दूर करने के लिए 100 रुपये के मटमैले नोटों का इस्तेमाल बड़ी संख्या में हुआ। लेकिन धीरे-धीरे लोगों ने इन नोटों को बैंक में ही जमा कराना शुरु कर दिया। अब बैंकों के लिए इन नोटों को संभालना भारी हो रहा है क्योंकि इन्हें एटीएम में डालने में मुश्किल होती है। इससे यह नोट बाजार में नहीं जा पा रहे। उन्होंने बताया कि बैंक की तरफ से आर.बी.आई को लिखा गया है कि इसपर गौर की जाए।
डिमांड अनुसार नहीं मिलते नोट
नोएडा के सेक्टर-135 में रहने वाले दीपक बताते हैं कि उनके साथ कई बार ऐसा हुआ है कि वह एटीएम में गए और 100 के नोट नहीं मिले। जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है क्योंकि 500 या 2 हजार का नोट का आसानी से कोई छुट्टा नहीं देता।
Published on:
6 May 2018, 5:12 PM IST
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