1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

UPTET Paper Leak Case : बढ़ता जा रहा जांच का दायरा, कई सफेदपोशों के नाम आ सकते हैं सामने

UPTET Paper Leak Case : यूपीटीईटी पेपर लीक कांड में एसटीएफ ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) के निलंबित सचिव संजय उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया है। इस तरह एसटीएफ पेपर लीक मामले में प्रयागराज, गौतमबुद्ध नगर, लखनऊ, अयोध्या, कौशांबी, बागपत और शामली में अब तक 10 मुकदमे दर्ज कराते हुए 45 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

2 min read
Google source verification

नोएडा

image

lokesh verma

Dec 02, 2021

uptet-paper-leak-case-increasing-scope-of-investigation.jpg

नोएडा. यूपीटीईटी पेपर लीक कांड (UPTET Paper Leak Case) में एसटीएफ (STF) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) के निलंबित सचिव संजय उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया है। इस तरह एसटीएफ पेपर लीक मामले में प्रयागराज, गौतमबुद्ध नगर, लखनऊ, अयोध्या, कौशांबी, बागपत और शामली में अब तक 10 मुकदमे दर्ज कराकर 45 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से भारी मात्रा में प्रश्न पत्र की छायाप्रति, मोबाइल के व्हाट्सएप पर प्रश्नपत्रों की फोटो, पेन ड्राइव आदि बरामद कर उनको जेल भेजा गया है। संजय उपाध्याय को गिरफ्तार करके ग्रेटर नोएडा ले जाकर थाना सूरजपुर में धारा 420, 409 और 120बी के तहत एफआईआर दर्ज करवाई जा रही है।

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 28 नवंबर को आयोजित होनी थी, लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले ही पेपर लीक हो गया था। जिसके कारण परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसमें 21.65 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल होने वाले थे। पूरे प्रकरण को राज्य सरकार ने काफी गंभीरता से लिया है। सरकार ने इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई शुरू करते हुए जांच एसटीएफ को सौंपी थी। टीईटी पेपर लीक केस में जांच कर रही एसटीएफ ने एक दिन पूर्व ही आरएसएम फिनसर्व लिमिटेड के निदेशक राय अनूप प्रसाद को गिरफ्तार किया था। प्रश्न पत्र छापने का ठेका लेने वाली कंपनी आरएसएम फिनसर्व लिमिटेड के निदेशक राय अनूप प्रसाद से पूछताछ में संजय उपाध्याय की संलिप्तता सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।

यह भी पढ़ें- यूपी चुनाव आते ही मायावती पर फिर कसा शिकंजा, विजिलेंस ने तेज की स्मारक घोटाले की जांच

बिना गापनीय जांच दिया वर्क ऑर्डर

एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि संजय उपाध्याय ने अनूप की कंपनी के पास सिक्योरिटी प्रिंटिंग की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं थी। जानकारी होने के बाद भी अनूप की कंपनी को बिना कोई गोपनीय जांच कराए ही वर्क आर्डर दिया और उसकी प्रिंटिंग प्रेस का निरीक्षण तक नहीं किया गया। एसटीएफ की जांच में संजय उपाध्याय को सरकारी धन का दुरुपयोग करने का भी दोषी पाया गया है। सिक्योरिटी प्रिंटिंग में एक प्रश्नपत्र के मुद्रण में 50 रुपये तक खर्च आता है, जो साधारण प्रिंटिंग की तुलना में काफी अधिक होता है। इन सभी तथ्यों की जानकारी होने के बाद भी एक ऐसी कंपनी को मुद्रण का काम दिया गया, जो एक भी मानक को पूरा नहीं करती थी। आरएसएम फिनसर्व लिमिटेड ने चार अलग-अलग साधारण प्रिंटिंग प्रेस में प्रश्न पत्र छपवाए थे। सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण प्रश्नपत्र लीक हो गया था। संजय उपाध्याय को गौतमबुद्धनगर के सूरजपुर थाने में राय अनूप प्रसाद व अन्य के विरुद्ध दर्ज कराए गए मुकदमे के तहत गिरफ्तार किया गया है।

कई बड़े नाम आ सकते हैं सामने

एसटीएफ की जांच का दायरा जिस तेजी से बढ़ रहा है, उसमें जल्द कुछ और बड़े लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। निष्पक्ष व पारदर्शी ढंग से परीक्षा संचालित कराने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से भी जल्द पूछताछ हो सकती है। एसटीएफ की नजर अब कई और आरोपियों पर टिकी है। पेपर लीक करने वालों से लेकर सॉल्वर गिरोह के कई सदस्यों की तलाश चल रही है। जल्द कई और आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकती है।

यह भी पढ़ें- ATM चोरों को रिश्वत लेकर छोड़ने वाली नोएडा क्राइम ब्रांच भंग, अब दिल्ली पुलिस पर उठे सवाल