
कैंसर एक लाइलाज बीमारी है जो वर्षों से मानवता को प्रभावित कर रही है और जबकि कई नई बीमारियों का इलाज सामने आ चुका है, कैंसर का कोई सटीक इलाज आज भी नहीं मिल पाया है।
कैंसर एक लाइलाज बीमारी है जो वर्षों से मानवता को प्रभावित कर रही है और जबकि कई नई बीमारियों का इलाज सामने आ चुका है, कैंसर का कोई सटीक इलाज आज भी नहीं मिल पाया है। हर साल अनगिनत लोग इस घातक बीमारी के कारण अपनी जान गंवाते हैं और हम इसे रोकने में असमर्थ हैं। हमें इस दिशा में अपनी कोशिशों को और तेज़ करना चाहिए। समस्या तो है, लेकिन इसका हल भी खोजना जरूरी है ताकि हम इस जंग में उलझे न रहें। तभी हम इसे हराकर आगे बढ़ सकते हैं।
सरिता प्रसाद, पटना
कैंसर, विशेष रूप से तंबाकू उत्पादों जैसे सिगरेट, बीड़ी, गुटखा और पान मसाला के अत्यधिक सेवन से होता है। इस बीमारी की गंभीरता को जानते हुए भी लोग तंबाकू का सेवन छोड़ने को तैयार नहीं होते, जिससे यह बीमारी चरम स्थिति तक पहुंच जाती है। प्राथमिक उपचार और जल्दी निदान से इस बीमारी के बढ़ते मामलों पर काबू पाया जा सकता है। समाज में जागरूकता और दृढ़ इच्छाशक्ति इस रोग को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
-रूप सिंह ठाकुर, इंदौर
स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। नशीले पदार्थों से दूर रहें। अपने वजन को संतुलित रखें। पूजा और आध्यात्मिकता को महत्व दें। नशीली वस्तुओं से बचें। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करवाते रहें। व्यायाम करें। संतुलित आहार लें, जिसमें फल और ताजे सब्जियां शामिल हों। रात को हल्दी वाला दूध पिएं। अपने शरीर का ध्यान रखें।
डॉ. मदनलाल गांगले, रतलाम
कैंसर के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए सरकार को शराब और तंबाकू उत्पादों पर कड़ी रोक लगानी चाहिए। समाज को भी जागरूक होना होगा और नशे से दूर रहने का संकल्प लेना होगा। केमिकलयुक्त खाद्य पदार्थों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए और कैंसर की दवाइयां उचित दर पर उपलब्ध करानी चाहिए। सरकार को कैंसर का इलाज मुफ्त करना चाहिए ताकि आम लोग त्वरित उपचार प्राप्त कर सकें। सरकार और समाज की जागरूकता से ही इस बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है।
-आज़ाद पूरण सिंह राजावत, जयपुर
स्वस्थ आहार लेना, धूम्रपान से बचना, शारीरिक रूप से सक्रिय रहना, प्रोसेस्ड मीट और शराब का सेवन कम करना, योगा और व्यायाम करना, फल और हरी सब्जियों का सेवन करना, नियमित स्वास्थ्य जांच कराना और जंक फूड व नशीली वस्तुओं से बचना, ये सब कैंसर के बढ़ते मामलों को रोकने में मददगार साबित हो सकते हैं।
-शिवजी लाल मीना, जयपुर
कैंसर एक असाध्य बीमारी है और इसके बढ़ते मामलों से न केवल चिंताएं बढ़ रही हैं, बल्कि यह चिकित्सा जगत के लिए भी बड़ी चुनौती बन चुका है। कैंसर के प्रभाव को बचाव और सही जीवनशैली से कम किया जा सकता है। सभी जानते हैं कि तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक है, लेकिन फिर भी लोग इसे छोड़ने को तैयार नहीं होते, जिसके कारण कैंसर जैसी बड़ी बीमारी से लोग प्रभावित हो रहे हैं। तंबाकू के सेवन से न केवल फेफड़े, बल्कि हृदय भी प्रभावित होते हैं। तंबाकू को छोड़ने में ही व्यक्ति की भलाई है।
-डॉ. राजेन्द्र कुमावत, जयपुर
कैंसर का जल्दी पता चलने से इलाज के परिणाम बेहतर हो सकते हैं। हर व्यक्ति को नियमित जांच करवानी चाहिए, खासकर उन लोगों को जिनमें कैंसर का पारिवारिक इतिहास हो।तंबाकू और शराब के सेवन से बचाव भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। वायु, जल और भूमि प्रदूषण कैंसर का एक बड़ा कारण हो सकते हैं। इसके लिए सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए
अनोप भाम्बु, जोधपुर
Updated on:
21 Jan 2025, 1:28 PM IST
Published on:
21 Jan 2025, 1:28 PM IST
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