दुती चंद की बहन ने दी उन्हें जेल भेजने की धमकी, समलैंगिक रिश्ते के खुलासे से खफा है परिवार

  • दुती चंद ने किया था अपने समलैंगिक रिश्ते का खुलासा
  • अपने परिवार में ही झेलना पड़ रहा है विरोध
  • बड़ी बहन ने दी जेल भेजने की धमकी

By: Kapil Tiwari

Published: 20 May 2019, 10:50 AM IST

नई दिल्ली। सार्वजनिक तौर अपने समलैंगिक रिश्तों का खुलासा करने वालीं भारतीय एथलीट दुती चंद की मुश्किलें बढ़ना शुरू हो गई हैं। दरअसल, दुती चंद के इस खुलासे के बाद उनके परिवार में ही घमासान शुरू हो गया है। दुती चंद के खुलासे के बाद उनकी बड़ी बहन ने घर से निकाल देने की धमकी दी है। इसके अलावा दुती को जेल भेजने की भी धमकी दी है।

दुती के खुलासे के बाद परिवार में मचा घमासान

इस बात की जानकारी खुद दुती ने एक न्यूज एजेंसी को दी है। दुती ने कहा है, ''मेरी बड़ी बहन की मेरे परिवार में काफी चलती है, उसने मेरे बड़े भाई की बीवी को घर से बाहर निकाल दिया, क्योंकि वो उसे पसंद नहीं थी। दुती ने बताया कि उसी ने मुझे अब धमकी दी है कि उन्हें भी घर से बाहर निकाल दिया जाएगा, लेकिन मैं बालिग हूं और मैं आजाद हूं, इसलिए मैंने इस रिश्‍ते को जारी रखने और सार्वजनिक करने का फैसला किया। मेरी बड़ी बहन को लगता है कि मेरी साथी संपत्ति हड़पना चाहती है। उसने मुझसे कहा कि इस रिश्‍ते के लिए वह मुझे जेल भेजेगी।'

अभी लड़नी होगी लंबी लड़ाई- दुती चंद

आपको बता दें कि दुती चंद ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया था कि वो समलैंगिक रिश्ते में हैं और उनकी पार्टनर ओडिशा के उनके गांव की ही रहने वाली है। हालांकि दुती ने अपने पार्टनर की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया था। उन्होंने कहा था कि अपने रिश्ते को मंजूरी दिलाने के लिए अभी लंबी लड़ाई लड़नी पड़ेगी। दुती ने कहा था कि इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने उन्हें सार्वजनिक रूप से सामने आने का हौंसला दिया था।

2014 कॉमनवेल्थ गेम्स में लगा था बैन

आपको बता दें कि दुती चंद देश की सबसे तेज महिला धावक हैं। उनके नाम 11.24 सैकंड में 100 मीटर दौड़ पूरी करने का रिकॉर्ड है। वह एशियाई खेलों में दो बार सिल्‍वर मेडल भी जीत चुकी हैं। जब दुती चंद को 2014 ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में बैन किया गया था तो उस वक्त वो टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकीं थीं। दुती का टेस्टोस्टोरेन (हार्मोन) बढ़ जाता था, इससे उन पर पुरुष होने के आरोप लगे थे। उनकी अपील पर लुसाने (स्विट्जरलैंड) स्थित खेल मध्यस्थता अदालत ने इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एथलेटिक्स फेडरेशन (आईएएएफ) के फैसले को पलट दिया था। इसके बाद दुती 2016 रियो ओलिंपिक में हिस्सा ले सकीं थीं, जहां उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था।

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