पहले भी पूछे जा चुके हैं ऐसे "जातिगत" सवाल
आपको बता दें यह पहली बार नहीं है जब किसी क्रिकेट खिलाड़ी ने धर्म या जाति को क्रिकेट से जोड़ने पर ऐसी प्रतिक्रिया दी है । इससे पहले भी हरभजन सिंह ने पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट की ऐसी ही एक मुद्दे पर कड़ी निंदा की थी । अक्टूबर 2017 में, संजीव भट्ट ने यह पूछा था की "टीम इंडिया में कोई मुस्लिम खिलाड़ी क्यों नहीं हैं?" तब भारत के महान स्पिनर हरभजन सिंह ने सभी धर्मों को बराबर बताया था, इसके साथ ही कहा था की कोई खिलाड़ी हिन्दू, मुस्लिम, सिख या ईसाई होने से पहले भारतीय है ।