कश्मीर में भारत के एक्शन से घबराया पाकिस्तान, इमरान खान ने UNSC से लगाई गुहार

कश्मीर में भारत के एक्शन से घबराया पाकिस्तान, इमरान खान ने UNSC से लगाई गुहार

Anil Kumar | Updated: 04 Aug 2019, 06:57:47 PM (IST) पाकिस्तान

  • भारतीय सेना ने केरन सेक्टर में घुसपैठियों के खिलाफ की बड़ी कार्रवाई
  • सेना ने पाकिस्तानी BAT के 5-7 कमांडो को किया ढ़ेर

रावलपिंडी। जम्मू-कश्मीर में भारत सरकार की ओर से तैनात किए गए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को लेकर पाकिस्तान में हड़कंप मचा हुआ है। बालाकोट स्ट्राइक के सदमे से अभी पाकिस्तान बाहर भी नहीं निकल पाया है और अब भारत के इस कदम से इमरान खान बेचैन हो गए हैं।

यही कारण है कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने रविवार को इस्लामाबाद में राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ( NSC ) की बैठक बुलाई। इमरान खान ने विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से भी मुलाकात की है और इस पूरे मामले में चर्चा की।

बैंठक में इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से संभावित खतरे को लेकर भारत के खिलाफ एक्शन लेने का आह्वान किया।

जम्मू-कश्मीर: भारतीय सेना ने पाकिस्तान को भेजा घुसपैठियों के शव ले जाने का प्रस्ताव

उन्होंने कहा कि LOC के करीब रहने वालों पर क्लस्टर बम का उपयोग के संबंध में UNSC को शांति और सुरक्षा के लिए इस अंतर्राष्ट्रीय खतरे पर ध्यान देना चाहिए।

इस बैठक में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री परवेज़ खट्टक, विदेश मंत्री शाह मोहम्मद क़ुरैशी, सेना प्रमुख क़मर जावेद बाजवा के अलावा सेना के अन्य आला अधिकारी शामिल हुए।

इमरान खान ने कहा कि 'मैं निर्दोष नागरिकों पर भारत के हमले और अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून के उल्लंघन और क्लस्टर बम के उपयोग की निंदा करता हूं।

इस बीच, विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने रविवार को ऑर्गनाइजेशन फॉर इस्लामिक कोऑपरेशन ( IOC ) के महासचिव डॉ. यूसेफ बिन अहमद अल ओथेमीन से संपर्क किया और उनके साथ 'कश्मीर में बढ़ती भारतीय आक्रामकता' पर चर्चा की।

कुरैशी ने कहा कि भारत द्वारा निर्दोष कश्मीरियों के खिलाफ शक्ति के क्रूर उपयोग किया जा रहा है और भारत मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए कश्मीरियों के अधीन अंतर्राष्ट्रीय कानूनों की धज्जियां उड़ा रहा है।

बता दें कि एक दिन पहले पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा ( LoC ) पर कलस्टर बम का इस्तेमाल किया है।

दहशत में पाकिस्तान

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, इमरान खान ने राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक में देश की सुरक्षा हालातों पर चर्चा की है और भारत की ओर से घाटी में अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती के मसले पर भी चिंतन किया। इमरान ने यह जानने की कोशिश की है कि सैनिकों की तैनाती के पीछे भारत का मूल मकसद क्या है।

मालूम हो कि पाकिस्तान भारतीय सेना की कार्रवाई को लेकर फिर से दहशत में आ गया है। शनिवार को पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर के केरन सेक्टर में घुसपैठ करने वाली पाकिस्तानी BAT यानी बॉर्डर एक्शन टीम की कोशिशों को नाकाम कर दिया था। इतना ही नहीं सेना ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए BAT कमांडो को मार गिराया था।

भारतीय सेना ने POK में क्लस्टर बम के हमले को नकारा, बोला- झूठा है पाकिस्तान

इस कार्रवाई के बाद घबराए पाकिस्तान ने रविवार को नियंत्रण रेखा के पास पाकिस्तान अधिकृ? कश्मीर र (POK) में सेना के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। एडवाइजरी में एलओसी पर फायरिंग के चलते सेना को अलर्ट रहने के लिए निर्देश दिए गए हैं।

पाक ने शव लेने से किया मना

बता दें कि भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पर मार गिराए गए घुसपैठियों के शव को ले जाने के लिए पाकिस्तान को प्रस्ताव भेजा।

भारतीय सेना ने सफेद झंडे के साथ आने का प्रस्ताव भेजा और कहा कि वे पाकिस्तानी सेना के शवों को ले जाएं। हालांकि पाकिस्तान ने शवों को लेने से इनकार कर दिया है।

पाकिस्तानी आतंकी ढ़ेर

क्‍या होता है क्‍लस्‍टर बम

आपको बता दें कि पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि भारत ने नियंत्रण रेखा पर क्लस्टर बम का इस्तेमाल किया है जो कि अंतर्राष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है। हालांकि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे झूठ करार दिया था।

अब सवाल है कि आखिर क्लस्टर बम क्या होता है। दरअसल, क्लस्टर बम छोटे-छोटे बमों से बना होता है। यानी की एक बम के अंदर कई छोटे-छोटे बम लगे होते हैं। यह बम लंबे समय तक जमीन के अंदर दबे रहते हैं, जो कभी भी फट सकते हैं। एक बम बहुत बड़ एरिया को अपनी चपेट में लेने में सक्षम होता है।

घुसपैठ की कोशिश नाकाम, मार गिराए 5-7 पाकिस्तानी सैनिक व आतंकी

बता दें कि इस तरह के बम का इस्तेमाल पहली बार रूस और जर्मनी की सेना ने किया था। इस बम के खतरे को देखते हुए 2008 में नॉर्वे की राजधानी ओस्‍लो में दुनिया के करीब 102 देशों ने इसके निर्माण, इस्‍तेमाल को प्रतिबंधित करने पर सहमति जताई थी और समझौते पर हस्‍ताक्षर किए थे।

इस समझौते पर हस्‍ताक्षर करने वाले देशों में भारत और पाकिस्‍तान भी शामिल थे। सबसे बड़ी बात कि अमरीका, चीन व रूस जैसे देशों ने खुद को इस समझौते से बाहर रखा है।

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