
पाली/सादड़ी। जिला कलक्टर दिनेशचंद्र जैन परशुराम महादेव मंदिर [ Parashuram Mahadev Temple ] पहुंचे। यहां कुंडधाम तीर्थ [ Kundadhham Tirtha ] पर उन्होंने झूलती चट्टानों को भयावह बताते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को समुचित प्रबंध के निर्देश दिए। यहां उन्होंने कहा कि दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। जिला कलक्टर जैन [ District Collector Dineshchandra Jain ] के साथ देसूरी उपखण्ड अधिकारी रवि विजय, तहसीलदार ध्यानचन्द जैन परशुराम कुण्डधाम तीर्थ मन्दिर पहुंचे। यहां उन्होंने परशुराम मेला, श्रावण सोमवार व भाद्रपद माह में विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
इस दौरान ट्रस्ट पदाधिकारी मदन लुहार, भोमाराम देवासी, फुलचन्द प्रजापत, पुखराज जांगिड़, व्यवस्थापक राणाराम गमेती भील, मांगीलाल सगरवंशी, नगर कांग्रेस अध्यक्ष राकेश मेवाड़ा, भाजपा नेता नरेश ओझा, रविन्द्र परमार, बाबूलाल चौधरी, जगदीश टेलर, बंशीलाल लुहार, सुरेशपुरी गोस्वामी, राजू माली ने मंदिर के सम्बन्ध में जानकारी दी। इस दौरान कुम्भलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य [ Kumbhalgarh Wildlife Sanctuary ] सहायक वन संरक्षक याघवेन्द्रसिंह चुण्डावत, रेन्जर किशनसिंह राणावत, पीडब्ल्यूडी सहायक अभियन्ता किस्तुरचन्द सुथार भी मौजूद रहे।
पार्किंग व पुलिस जाप्ता मुहैया कराने की मांग
यहां ट्रस्ट उपाध्यक्ष मदन लुहार ने जिला प्रशासन से टेलीफोन व्यवस्था, पार्किंग स्थल के सुव्यवस्थित निर्माण के साथ पर्याप्त पुलिस जाप्ता मुहैया कराने की मांग रखी। इस दौरान भाजपा नेता नरेश ओझा ने पार्किंग स्थल पर वन्यजीव का आवागमन रोकने की कवायद में सुरक्षा दीवार का निर्माण करवाने तथा झलती चट्टानें सीमेन्ट में जाम कराने की मांग की। इस पर पीडब्ल्यूडी एइएन से चर्चा कर आवश्यकता वाली चट्टानें जाम करने को लेकर तखमीना बनाकर देने को कहा गया।
सालों पुराना शिलालेख देखा
जब कलक्टर व अधिकारी पहुंचे तो लोगों ने प्रस्तावित कुम्भलगढ़ नेशनल पार्क [ Kumbhalgarh National Park ] के दायरे से परशुराम महादेव मंदिर को बाहर रखने की गुहार लगाई। साक्ष्य के रूप में यहां जिला कलक्टर को दो सौ साल प्राचीन ताम्रपत्र जो मेवाड़ महाराणा मोकल ने प्रदान किया था। वो बताया। साथ ही दानदाता से निर्मित एक हॉल के पिल्लर पर खुदवाए गए शिलालेख को भी बताया, जो करीब सौ साल पुराना है। इस आधार पर परशुराम महादेव को पार्क के दायरे से बाहर रखने की गुहार लगाई। इस पर कलक्टर ने कहा कि पुख्ता सबूत व साक्ष्य देंगे तो इस मंदिर को पार्क के दायरे से बाहर रखने का पूरा प्रयास किया जाएगा। उन्होंने ये भी विश्वास दिलाया कि पाली के साथ ही राजसमंद जिला प्रशासन फिर से इसकी जांच कर रहा है।
सपत्नीक किए दर्शन
इससे पहले जिला कलक्टर ने सपत्नीक कुण्डधाम तीर्थ पर दर्शन किए। साथ ही यहां पंडित हर्षद दवे, पण्डित दिनेश पण्डया, नरेश त्रिवेदी, चन्द्रकान्त त्रिवेदी, शशिकान्त जोशी, मुकेश दवे, प्रवीण जोशी के आचार्यत्व में चल रहे शिव रुद्राभिषेक में भी भाग लिया। यह अनुष्ठान पुनमिया परिवार की ओर से श्रावण माह में करवाया जा रहा है। इसमें सवा लाख मंत्रोच्चार अनुष्ठान होंगे।