
पाली। प्रदूषण फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए पाली, जोधपुर, भिवाड़ी, बालोतरा व जयपुर में पॉल्यूशन कंट्रोल एवं विजिलेंस स्क्वॉयड [ Pollution Control Vigilance Team Forme ] का गठन किया गया है। यहां विजिलेंस टीम 24 घंटे प्रदूषण जन्य मामलों पर निगरानी रखेंगी। प्रदूषण नियंत्रण मंडल [ Pollution Control Board ] की सदस्य सचिव के निर्देश पर पाली में सेल गठित की गई है। हालांकि, सेल के लिए स्टाफ और कुछ जरूरी संसाधन अगले एक सप्ताह तक उपलब्ध होने की संभावना है।
यह दस्ता 24 घंटे किसी भी औद्योगिक इकाई [ textile industry ], चिकित्सा संस्थान, खान व अन्य प्रदूषण जन्य संस्थानों का आकस्मिक निरीक्षण कर सकेगा। यदि किसी संस्थान में प्रदूषण फैलाने जैसी गतिविधियां सामने आई तो विजिलेंस टीम को संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई का भी अधिकार दिया गया है। प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने एनजीटी के निर्देश पर यह फैसला लिया है।
वाहन पर होगा सायरन, शामिल होंगे तकनीकी अधिकारी
विजिलेंस स्क्वॉयड [ Vigilance squoed ] में एक-एक तकनीकी व विज्ञानिक अधिकारी, दो सिक्यूरिटी गार्ड व एक वाहन चालक होगा। वाहन पर सायरन लगा हुआ होगा। इसके अलावा वाहन में कई संसाधन भी उपलब्ध होंगे, जिससे प्रदूषण जन्य मामलों में हाथों-हाथ कार्रवाई की जा सके। यह दस्ता 24 घंटे ड्यूटी पर रहेगा। इसके लिए अधिकारियों व कार्मिकों की ड्यूटी तीन राउंड में लगाई गई है। वे आठ-आठ घंटे निगरानी रखेंगे।
एसिड टैंकरों पर भी रहेगी नजर
पाली में एसिड के टैंकर अवैध [ Acid illegal tanker ] रूप से नालों व बांडी नदी में खाली होने की गई घटनाएं सामने आ गई। अब विजिलेंस टीम [ Vigilance team ] ऐसे लोगों की गतिविधियों पर भी नजर रखेंगी। साथ ही साथ बांडी नदी और नालों में चोरी-छिपे प्रदूषित पानी छोडऩे वालों पर विजिलेंस टीम की नजर रहेगी।
मंडल कार्यालय में होगा कंट्रोल रूम
विजिलेंस स्क्वॉयड के साथ-साथ मंडल कार्यालय में कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा। इसके लिए एक सार्वजनिक नंबर भी जारी किए जाएंगे। जिस पर कोई भी शिकायत कर सकेगा।
स्टाफ का टोटा, भिजवाया प्रस्ताव
पाली में विजिलेंस स्क्वॉयड का गठन तो कर लिया गया, लेकिन स्टाफ की कमी से जूझना पड़ रहा है। पाली में वर्तमान में दो तकनीकी और 3 विज्ञानिक संवर्ग के अधिकारी नियुक्त है। अतिरिक्त स्टाफ और वाहन इत्यादि उपलब्ध कराने के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भिजवाया गया है।
अस्तित्व में विजिलेंस स्क्वॉयड
मुख्यालय के निर्देश पर स्क्वॉयड का गठन कर दिया है। कुछ संसाधन उपलब्ध कराने के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भिजवा दिया है। एक सप्ताह के भीतर विजिलेंस संसाधनों से युक्त होकर काम करेगी। विजिलेंस के माध्यम से पूरे जिले में नजर रखी जाएगी। -अमित शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण मंडल, पाली