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ये पुलिसवाला बना रहा बच्चों को सरकारी अफसर, थाने में ही बना दिए 2 क्लास रूम

मध्यप्रदेश में एक ऐसा भी पुलिसवाला है, जो नि:स्वार्थ भावना से बच्चों का भविष्य बनाने में जुट गया है.
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पन्ना

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Subodh Kumar Tripathi

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Updated: 21 Apr 2022, 12:47 PM IST

ये पुलिसवाला बना रहा बच्चों को सरकारी अफसर, थाने में ही बना दिए 2 क्लास रूम

ये पुलिसवाला बना रहा बच्चों को सरकारी अफसर, थाने में ही बना दिए 2 क्लास रूम

पन्ना. मध्यप्रदेश में एक ऐसा भी पुलिसवाला है, जो नि:स्वार्थ भावना से बच्चों का भविष्य बनाने में जुट गया है, ये थाना प्रभारी होते हुए भी बच्चों के लिए रोज 3 घंटे का समय निकालते हैं और उन्हें प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करवा रहे हैं, इनकी सफलता की कहानी इसी से पता चलती है कि उनके द्वारा तैयार किए गए कई स्टूडेंट सरकारी नौकरियां हासिल कर चुके हैं। आईये जानते हैं कौन है ये पुलिस अफसर।

जानकारी के अनुसार पन्ना जिले के ब्रजपुर थाना प्रभारी बखत सिंह ठाकुर हमेशा कुछ कर गुजरने का हौंसला रखते हैं, उन्होंने देश का भविष्य कहे जाने वाले बच्चों का भविष्य संवारने की ठान ली है, यही कारण है कि वे बच्चों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी खुद के खर्चे पर करवा रहे हैं। ये कर्मचारी ना केवल अपना काम बखूबी करना जानते हैं बल्कि देश के भविष्य को बेहतर बनाने में भी जुटे हुए हैं। कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने के अलावा ठाकुर स्थानीय छात्रों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी कराते हैं।

रोज 3 घंटे लेते हैं बच्चों की क्लास
ठाकुर रोजाना सुबह 7 से 10 बजे तक करीब 300 छात्रों को पढ़ाने में जुट जाते हैं। बखत सिंह की मेहनत के परिणामस्वरूप एक साल में ही 30 छात्र चयनित होकर सरकारी अफसर और कर्मचारी बनने में सफल हुए हैं। उनके इस जज़्बे को मध्य प्रदेश शासन ने भी बखूबी सराहा है। एमपी गवर्नमेंट के आधिकारिक ऐप से एक पोस्ट शेयर की बखत सिंह की सेवा भावना का जिक्र किया गया है।

लाखों खर्च कर बना दिए क्लास रूम
बता दें कि बच्चों को पढ़ाने को लेकर ठाकुर का जज्बा इतना है कि उन्होंने थाना परिसर में ही अपनी तरफ से पौने तीन लाख रुपये खर्च करके दो क्लास रूम और एक लाइब्रेरी बनवा दी है। यहां तक कि फर्नीचर और किताबें भी अपने खर्च पर ही जुटाई हैं। बच्चों को पढ़ाने के प्रति उनके इस हौसले को देखकर, अन्य साथी भी प्रोत्साहित हो रहे हैं। बच्चों को मेधावी परीक्षाओं की तैयारी कराने में अब उनके दो साथी आरक्षक भी मदद करने लगे हैं।