
भरत तिवारी (फोटो- bharat tiwari facebook)
Bharat Tiwari Viral Video: बिहार के भोजपुर ज़िले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर को लेकर सियासत गरमाई हुई है। लोगों के विरोध के बाद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने इस घटना की न्यायिक जांच पटना हाई कोर्ट के एक रिटायर्ड जज से कराने की घोषणा की है। वहीं, सोशल मीडिया पर भरत तिवारी का लगभग एक साल पुराना फेसबुक वीडियो फिर से वायरल हो रहा है। वीडियो को देखकर ऐसा लगता है कि तिवारी ने अपनी मौत के तरीके के बारे में एक साल पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी।
वायरल वीडियो में 28 साल के भरत तिवारी यह आशंका जता रहे हैं कि सिस्टम के खिलाफ बोलने पर उन्हें आमने-सामने की लड़ाई में नहीं, बल्कि धोखे से मार दिया जाएगा। भरत तिवारी कह रहे हैं, "मेरे साथ जो भी होगा, वह सब मैं देख लूंगा। लेकिन जब भी मुझे कुछ किया जा सकता है, तो वो घात से ही हो सकता है, क्योंकि घात करके तो कोई भी किसी को कुछ भी कर सकता है। घात से तो हमारे महान राजा पृथ्वीराज चौहान और न जाने कितने योद्धा नहीं बच पाए।"
भरत तिवारी ने आगे कहा, "याद रखना, अगर मेरे साथ घात होता है, तो अपने ही समाज के लोगों में से कोई होगा। समाज उस जयचंद को पहचाने, वह अपना रंग जरूर दिखाएगा। लेकिन उससे भी मेरा कुछ नहीं बिगड़ने वाला। अंत में जयचंद का क्या हाल हुआ था, सभी को पता है। उस पर जीवन भर गद्दारी का कलंक लगा रहा, जो कभी धुल नहीं पाया।"
वीडियो में भरत तिवारी ने अपने अंगों को देश और समाज के लिए न्योछावर करने का ऐलान करते हुए कहा, "मैं अपने समाज और देश के नवनिर्माण में अपना त्याग करने के बाद, अपनी अंतिम इच्छा प्रकट कर रहा हूँ। मेरे इस त्याग-बलिदान के बाद मेरे इस शरीर को दान कर दिया जाए। एक इंसान के शरीर से करीब 7 से 8 लोगों की जान बचाई जा सकती है। इसके लिए अंगों के दान में मेरी पहली प्राथमिकता हमारी आन-बान-शान भारतीय सेना को होगी। दूसरे स्थान पर प्रशासन को और तीसरे स्थान पर किसी ऐसे गरीब व्यक्ति को जो पैसों की कमी के कारण महंगे मानव अंग नहीं खरीद सकता।"
इस वीडियो में भरत तिवारी ने विशेष रूप से अपने मोबाइल फोन को लेकर एक बड़ी बात कही थी, जो आज चल रही जांच की सबसे अहम कड़ी बन चुकी है। उसने समर्थकों से अपील की थी कि उसके जाने के बाद उसका मोबाइल किसी और के हाथ में नहीं लगना चाहिए और वो सिर्फ उसके घरवालों के पास सुरक्षित रहे।
उसने आगाह करते हुए कहा था, "जो भी ऐसे लोग हैं, वह हर तरह से प्रयास करेंगे, बहला-फुसलाकर या किसी भी तरह से चोरी करके कि यह मोबाइल उन्हें मिल जाए। क्योंकि यह एक साक्ष्य के रूप में है। यह मेरा साक्ष्य है, मेरा इतिहास है, इसे कोई झुठला या मिटा नहीं सकता। यही कारण है कि मैं हर जानकारी इस पर डाल देता हूं।"
वीडियो में भरत तिवारी ने उस वक्त के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम लेते हुए राजनीतिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे। उसने मुस्कुराते हुए कहा कि केवल कुर्सियां बैठने के लिए नहीं होतीं, जिम्मेदारी एक बहुत बड़ी बात होती है जो हर किसी के बस की बात नहीं होती।
उसने कहा, "नीतीश कुमार जी, आप मुझ पर साम, दाम, दंड, भेद, छल, बल, जो भी आजमाना है आजमा लीजिए, मुझमें इसे रोकने की पूरी क्षमता है। मेरे पास सिर्फ रणभूमि में युद्ध का ही रास्ता है। या तो सीधे आमने-सामने से मुझे शूट करवा दें, मुझे फांसी पर लटकवा दें, वो मुझे मंजूर है। लेकिन ये पीछे से छोटी-मोटी हरकतें मेरे साथ न करें, मुझे वो अच्छा नहीं लगता।"
Updated on:
21 Jun 2026 12:17 pm
Published on:
21 Jun 2026 11:44 am
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