
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी
Bihar coaching policy: बिहार की राजधानी पटना के मुसल्लहपुर में दो प्रमुख कोचिंग संस्थानों के बीच हुए विवाद के बाद राज्य सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। शिक्षा विभाग ने कोचिंग संस्थानों की मनमानी को रोकने के लिए बड़ी घोषणा कर दी है। शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी ने कहा है कि कोचिंग संस्थानों के बीच बढ़ती व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा यदि राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनेगी, तो सरकार उसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार ने राज्य में एक नई कोचिंग नीति बनाए जाने का एलान किया है, जिसके तहत नियम तोड़ने वाले संस्थानों पर हमेशा के लिए ताला लग सकता है।
शिक्षा विभाग के अनुसार, आगामी तीन महीनों के भीतर इस नई कोचिंग नीति का ड्राफ्ट तैयार कर लिया जाएगा। इसी नीति के तहत भविष्य में बिहार के सभी कोचिंग संस्थान संचालित होंगे। शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी ने स्पष्ट किया कि राज्य में कोचिंग संस्थानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में छात्रों को बेहतर शिक्षा देने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के बजाय यदि इन संस्थानों के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो जाती है, तो यह बेहद चिंता का विषय है। इसी कारण सरकार एक पारदर्शी और कड़ा कानून लाने जा रही है।
इस नई नीति के तहत बिहार के सभी कोचिंग संस्थानों के लिए एक मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट तैयार किया जाएगा। जिसके तहत यह तय किया जाएगा कि कोचिंग संस्थानों को किन नियमों और कानूनी दायरों के भीतर रहकर अपना संचालन करना है। संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा और सुविधाओं के क्या मापदंड होंगे। विज्ञापनों और रिजल्ट के दावों को लेकर संस्थानों की जवाबदेही कैसे तय की जाएगी। आपसी व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा को स्वस्थ और विवाद-मुक्त कैसे रखा जाए।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकार यह नीति किसी बंद कमरे में या एकतरफा फैसला लेकर नहीं बनाएगी। नीति निर्माण से पहले राज्य के सभी संबंधित पक्षों की राय ली जाएगी। इसके लिए कोचिंग संचालकों, शिक्षा विशेषज्ञों, अभिभावकों, प्रशासनिक अधिकारियों और खुद छात्रों से भी महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किए जाएंगे।
सभी पक्षों के विचारों को शामिल करने के बाद एक ऐसी नीति बनाई जाएगी जिससे शिक्षा का माहौल बेहतर हो और किसी भी प्रकार का टकराव रोका जा सके। लेकिन, एक बार नीति लागू होने के बाद यदि किसी भी संस्थान की ओर से नियमों का उल्लंघन किया जाता है, या प्रतिस्पर्धा की आड़ में हिंसा, मारपीट अथवा अव्यवस्था फैलाने की कोशिश की जाती है, तो संबंधित कोचिंग को सील करने जैसी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
गौरतलब है कि मंगलवार रात खान सर की कोचिंग पर 15-20 हमलावरों ने पथराव और तोड़फोड़ की थी, जिसमें उनके सुरक्षा गार्ड का सिर फट गया था। इस मामले में पटना पुलिस ने 'ज्ञान बिंदु कोचिंग' के डायरेक्टर रौशन आनंद समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इस घटना में शामिल अन्य संदिग्धों की भी सक्रियता से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं।
इस पूरे विवाद पर जनता दल यूनाइटेड के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने भी सरकार का रुख साफ किया है। उन्होंने कहा, 'बिहार में नीतीश कुमार का 20 साल का ट्रैक रिकॉर्ड रहा है और वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की भी पहली प्राथमिकता कानून का राज स्थापित रखने की है, इस पर कोई समझौता नहीं हो सकता। यदि कोई भी अपराध करेगा तो अपराधी पकड़ा भी जाएगा और उसे सख्त सजा भी होगी।'
Updated on:
03 Jun 2026 01:56 pm
Published on:
03 Jun 2026 01:56 pm
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