
नेहा सिंह राठौर (फोटो - X @ nehafolksinger)
लोक गायिका और सोशल एक्टिविस्ट नेहा सिंह राठौर ने उत्तराखंड की एक मंत्री के पति के बिहार की बेटियों को लेकर दिए गए विवादित बयान पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में, नेहा सिंह राठौर ने सवाल किया कि क्या बिहार की बेटियां बिकाऊ हैं? क्या उनकी कीमत 20-25 हजार रुपये है? उन्होंने कहा कि बिहार की बेटियों की खुलेआम बोली लगाई जा रही है और राज्य के लोग सो रहे हैं।
सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में नेहा सिंह राठौर ने कहा कि एक अश्लील कहावत है, "गरीब की मेहरारू गांव भर की भौजाई।" बीजेपी नेताओं ने इस कहावत को नया रूप देने की कोशिश की है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड सरकार में महिला सशक्तिकरण मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू ने बिहार की बेटियों की कीमत 20 से 25 हजार रुपये तय कर दी है।
नेहा सिंह राठौर ने आगे व्यंग्य करते हुए कहा कि अब बिहार के लोग चाहें तो इस बेइज्जती को सरकारी राशन की दाल की तरह निगल सकते हैं। अगर बेइज्जती ज्यादा कड़वी लगे, तो इस बेइज्जती को राष्ट्रीय हित में अपना योगदान मानकर इसे चाय की तरह धीरे-धीरे पी सकते हैं। यही तो अमृत काल की खासियत है। कुछ भी बुरा नहीं लगता। पेशाब और मल मिला पानी भी अमृत बनकर मोक्ष दे सकता है।
नेहा सिंह राठौरआगे कहती हैं कि अगर बिहार के लोगों को अपनी बेटियों की बोली लगने पर बुरा लगा होता, तो क्या वे विरोध नहीं करते? क्या वे इस बेइज्जती के खिलाफ आवाज नहीं उठाते? क्या बिहार सरकार ने उत्तराखंड सरकार से सवाल नहीं किया होता? क्या उस बयान के लिए केस दर्ज नहीं होता? क्या बिहार के लोग सड़कों पर नहीं उतरते? लेकिन देखिए, किसी को बुरा नहीं लगा। कैसे लगता? उन्हें बेइज्जती सहने की आदत हो गई है।
उन्होंने आगे कहा की जब बिहार के मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक मंच पर एक बेटी का हिजाब खींचा था, तब भी किसी को बुरा नहीं लगा था। जनता सरकार का दिया हुआ खाना खाने में व्यस्त थी, और सभी नेता मुस्कुरा रहे थे। तो, पूरे देश में यह मैसेज गया कि बिहार के लोगों को अपनी बेटियों की इज्जत की कोई परवाह नहीं है। जो चाहो करो, जो चाहो कहो, ये लोग बेइज्जती सहने के आदी हो गए हैं।
केंद्र सरकार बिहार के लोगों की वजह से चल रही है, केंद्र सरकार को बिहार से बड़ी संख्या में मंत्री और भारी समर्थन मिला है। अगर बिहार के लोगों को बुरा लगा होता, तो क्या कोई आदमी बिहार की बेटियों की नीलामी करने की हिम्मत कर पाता? मुझे बिहार के लोगों की इस निष्क्रियता पर हैरानी नहीं है, लेकिन मुझे अपनी इज्जत की चिंता है और मैं इस अपमानजनक बयान को बिना चुनौती दिए नहीं जाने दूंगी।
नेहा सिंह राठौर ने पूछा, "बिहार के वे सभी बड़े नेता कहां हैं जो चुनाव के दौरान वोट मांगने आए थे, गाने और भजन गा रहे थे, बिहार को बदलने की बात कर रहे थे? वे कहां गायब हो गए हैं? क्या बिहार बदल गया है? क्या बिहार की गरिमा इसी तरह लूटी जाएगी? बिहार की बेटियों की यहां नीलामी हो रही है और आप लोग गहरी नींद में सो रहे हैं? क्या आपको कोई शर्म नहीं आती? सरकार में बैठे लोग तो बेशर्म हैं, लेकिन क्या विपक्ष के लोगों को भी कोई फर्क नहीं पड़ता? क्या आप सत्ता में न होने पर लोगों के अधिकारों की बात नहीं करेंगे? एक गरीब आदमी भी अपनी बेटी की इज्जत के लिए लड़ने को तैयार रहता है, लेकिन यह चुप्पी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"
दरअसल, उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर इलाके में एक कार्यक्रम के दौरान गिरधारी लाल साहू का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्हें यह कहते हुए सुना गया, " बिहार में 20-25 हजार में लड़कियां मिल जाती हैं… हम कुंवारों के लिए बिहार से लड़की लाएंगे।" जैसे ही यह बयान सामने आया, महिलाओं की इज्जत और गरिमा को लेकर जबरदस्त विवाद खड़ा हो गया। हालांकि गिरधारी लाल साहू ने बाद में माफी मांग ली, लेकिन विवाद अभी भी शांत होता नहीं दिख रहा है।
Published on:
04 Jan 2026 10:52 am
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