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खान सर को नहीं मिला NOC, ज्ञान बिंदु ने तो आवेदन ही नहीं किया; पटना में बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे हैं बड़े कोचिंग

Patna Coaching News: पटना ज़िला शिक्षा कार्यालय के अनुसार, खान सर के खान ग्लोबल कोचिंग सेंटर को अभी तक NOC नहीं मिली है, जबकि रोशन आनंद सर के ज्ञान बिंदु कोचिंग ने अभी तक रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन ही नहीं किया है। पटना में विभिन्न छोटे-बड़े कोचिंग सेंटर बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं और बिना रजिस्ट्रेशन के कोचिंग सेंटर चलाने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना और FIR दर्ज हो सकती है।

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पटना

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Anand Shekhar

Jun 07, 2026

Patna Coaching news

खान सर (फोटो- Khan Sir Instagram)

Patna Coaching News: बिहार की राजधानी पटना के सदर ब्लॉक में आने वाले मुसल्लहपुर हाट, बाजार समिति, भिखना पहाड़ी, अशोक राजपथ और महेंद्रू में सैकड़ों कोचिंग संस्थान चल रहे हैं, लेकिन उनमें से ज़्यादातर के पास वैध रजिस्ट्रेशन नहीं है। हैरानी की बात है कि खान सर के 'खान ग्लोबल कोचिंग सेंटर' को भी अब तक NOC नहीं मिला है, जबकि रोशन आनंद सर की 'ज्ञान बिंदु कोचिंग' ने तो रजिस्ट्रेशन के लिए अप्लाई भी नहीं किया है।

सदर प्रखंड में मात्र 4 कोचिंग रजिस्टर्ड

ज़िला शिक्षा कार्यालय (DEO) के अनुसार, पटना सदर प्रखंड में अभी सिर्फ चार कोचिंग संस्थान आधिकारिक तौर पर रजिस्टर्ड हैं और उन्हें नियमों के अनुसार NOC दी गई है। इसके उलट, इसी प्रखंड के अलग-अलग रिहायशी और कमर्शियल इलाकों में सैकड़ों कोचिंग संस्था खुलेआम चल रहे हैं।

मुसल्लहपुर हाट में स्थित खान सर की खान ग्लोबल कोचिंग सेंटर ने रजिस्ट्रेशन के लिए विभाग में अप्लाई किया है। हालांकि प्रशासन ने साइट का निरीक्षण पूरा कर लिया है, लेकिन मानकों के पालन से जुड़ी दिक्कतों के कारण ज़िला शिक्षा कार्यालय ने अभी तक NOC जारी नहीं की है। वहीं । वहीं, प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले रौशन आनंद सर की ज्ञान बिंदु कोचिंग ने नियमों को दरकिनार करते हुए पंजीकरण के लिए अब तक किसी भी प्रकार का आवेदन विभाग को नहीं सौंपा है।

क्यों फंसा पेंच? 5 महीने से बंद पड़ा है सरकारी पोर्टल

इस पूरे मामले में एक बड़ी तकनीकी और प्रशासनिक बाधा है, जिससे कोचिंग चलाने वालों को बहुत परेशानी हो रही है। असल में बिहार में कोचिंग संस्थानों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पिछले पांच महीनों से पूरी तरह रुकी हुई है। विभागीय जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन ने कोचिंग सेंटर चलाने वालों की सुविधा के लिए फरवरी 2025 में एक ऑनलाइन पोर्टल https://pcr.bihar.gov.in शुरू किया था।

इस पोर्टल के शुरू होते ही पुराने ऑफलाइन आवेदन की व्यवस्था को पूरी तरह बंद कर दिया गया। हालांकि, ऑनलाइन पोर्टल भी फरवरी 2026 में अचानक बंद हो गया। डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिस ने पोर्टल को फिर से शुरू करने के लिए डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को कई बार पत्र लिखा है, लेकिन यह अभी भी काम नहीं कर रहा है। अभी ऑनलाइन पोर्टल बंद होने और ऑफलाइन एप्लीकेशन स्वीकार न किए जाने के कारण, नए और मौजूदा कोचिंग चलाने वाले दोनों ही डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिस के बार-बार चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

पोर्टल पर आए थे 38 आवेदन

आंकड़ों से पता चलता है कि पटना जिले में अभी 529 रजिस्टर्ड कोचिंग संस्थान हैं। जब 2025 में पोर्टल लॉन्च हुआ, तो कुल 38 एप्लीकेशन मिली थीं। वेरिफिकेशन के बाद 16 कोचिंग सेंटर नियमों के मुताबिक पाए गए। अभी 12 और कोचिंग संस्थानों का वेरिफिकेशन चल रहा है, इनमें से 10 पटना सदर ब्लॉक से और दो बाढ़ ब्लॉक से हैं। इसके अलावा, दानापुर ब्लॉक से आई एक एप्लीकेशन को सरकारी मानकों को पूरा न करने के कारण खारिज कर दिया गया।

कोचिंग संचालन के लिए कड़े नियम

कोचिंग एक्ट के तहत, सरकार ने छात्रों की सुरक्षा और सुविधाओं के बारे में कड़े मानक तय किए हैं। इन शर्तों के वेरिफिकेशन के बाद ही 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) दिया जाता है। कोचिंग सेंटर वाली बिल्डिंग का एरिया कम से कम 500 स्क्वायर फीट और ऊंचाई कम से कम 9 मीटर होनी चाहिए। क्लासरूम के अंदर बैठने के लिए हर छात्र के लिए कम से कम एक स्क्वायर मीटर जगह होनी जरूरी है। अगर लड़के और लड़कियां एक साथ पढ़ते हैं, तो संस्थान को अलग-अलग टॉयलेट और आग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने होंगे।

5 सदस्यीय हाई-लेवल कमेटी करती है जांच

मिली एप्लीकेशन के आधार पर कोचिंग संस्थानों की जांच के लिए जिला प्रशासन द्वारा नियुक्त पांच सदस्यों वाली एक हाई-पावर्ड कमेटी काम करती है। इस कमेटी में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM), डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर (DEO), डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम ऑफिसर (DPO), सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) और मगध महिला कॉलेज की प्रिंसिपल शामिल हैं। इस संयुक्त टीम की रिपोर्ट के आधार पर, सब-डिविजनल ऑफिसर (SDO) एक फाइनल रिपोर्ट तैयार करते हैं, जिसे बाद में डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिस को सौंप दिया जाता है।

1 लाख का जुर्माना और FIR

विभाग ने साफ किया है कि अगर कोई संचालक बिना सही रजिस्ट्रेशन या 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) के कोचिंग इंस्टीट्यूट चलाता हुआ पाया जाता है, तो नियमों के तहत उस पर 1 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है और उसके ख़िलाफ FIR भी दर्ज की जाएगी। सरकार ने नए रजिस्ट्रेशन के लिए 15,000 रुपये और रिन्यूअल के लिए 5,000 रुपये फीस तय की है