
राजद विधायक बोगो सिंह
Bihar Politics: बिहार विधान परिषद चुनाव के ऐलान के बाद से राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच बेगूसराय जिले की मटिहानी विधानसभा सीट से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक बोगो सिंह बुधवार को पटना स्थित जदयू कार्यालय पहुंच गए, जहां जनसुनवाई चल रही थी। इस दौरान बोगो सिंह ने पूर्व सीएम नीतीश कुमार के बेटे बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात की अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या बोगो सिंह आरजेडी का साथ छोड़कर जेडीयू में जाने वाले हैं?
जेडीयू दफ्तर से बाहर निकलने के बाद जब मीडियाकर्मियों ने बोगो सिंह को घेरा, तो उन्होंने इस मुलाकात को पूरी तरह गैर-राजनीतिक बताते हुए अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात के पीछे कोई राजनीतिक खिचड़ी नहीं पक रही है, बल्कि वह अपने क्षेत्र की जनता की समस्या लेकर आए थे। आरजेडी विधायक ने बताया कि 2014-15 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पूछकर उन्होंने अपने गांव में अपनी माता जी के नाम पर 2 करोड़ रुपये की निजी जमीन देकर 6 बेड का अस्पताल बनवाया था। लेकिन जब तक अस्पताल पूरी तरह चालू होता वो विधानसभा चुनाव हार गए। आज स्थिति यह है कि उस करोड़ो की लागत से बने अस्पताल में कुत्ते बैठे रहते हैं। उसे स्वास्थ्य उप-केंद्र बना दिया गया है।
बोगो सिंह ने आगे कहा कि मटिहानी की जनता ने उन्हें फिर से सेवा का मौका दिया है, इसलिए वे अपने क्षेत्र के इस दुख-दर्द को दूर कराने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से मिलने आए थे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर जो सवाल उठाते हैं, वह वही सवाल लेकर सरकार के पास आए थे।
विपक्षी दल के किसी विधायक का सत्ताधारी दल के कार्यालय में जाना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। इस मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए बोगो सिंह ने कहा कि वे किसी भी राजनीतिक एजेंडे के साथ जदयू कार्यालय नहीं गए थे। उन्होंने बताया कि वे कल और आज स्वास्थ्य मंत्री से मिलने के लिए संबंधित विभाग भी गए थे। लेकिन वहां उन्हें पता चला कि मंत्री आज जदयू कार्यालय में जनसुनवाई कर रहे हैं, जिसके बाद वे सीधे वहीं चले गए। बोगो सिंह ने कहा कि बातचीत बहुत सकारात्मक रही है और मंत्री जी ने कार्रवाई का पूरा आश्वासन दिया है।
बोगो सिंह भले ही स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से हुई इस मुलाकात को अपने क्षेत्र के अस्पताल की समस्या बता रहे हों, लेकिन बिहार के राजनीतिक गलियारों में इसकी टाइमिंग को लेकर कयासों का बाजार बेहद गर्म है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह हाल ही में हुई बिहार विधान परिषद चुनाव की घोषणा है, जिसके ठीक अगले ही दिन विपक्षी दल के एक विधायक का सत्ताधारी दल के दफ्तर पहुंचना सामान्य नहीं माना जा रहा है। इसके अलावा, एक दिन पहले ही रितु जायसवाल का बीजेपी में शामिल होना और एनडीए नेताओं द्वारा विपक्ष में बड़ी टूट का लगातार दावा करना पाला बदलने की चर्चा को हवा देने के लिए काफी है।
Updated on:
27 May 2026 03:35 pm
Published on:
27 May 2026 03:26 pm
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