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सूरज बिहारी हत्याकांड: गोली से गई बेटे की जान, सदमे से पिता की… मर्डर के 10 दिन बाद ही घर से उठी दूसरी अर्थी

पूर्णिया के सूरज बिहारी हत्याकांड में आरोपी के पकड़े जाने से पहले ही, पिता जवाहर यादव की भी मौत हो गई। जवान बेटे की तेरहवीं से पहले ही पिता का साया भी परिवार के सिर से उठ गया। उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई।

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पटना

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Anand Shekhar

Feb 06, 2026

सूरज बिहारी हत्याकांड । bihar news | purnia news | pappu yadav

सूरज बिहारी के पिता जवाहर यादव की हार्ट अटैक से मौत (फोटो- पप्पू यादव FB)

बिहार के पूर्णिया में 27 जनवरी को हुए हाई-प्रोफाइल सूरज बिहारी हत्याकांड के आरोपियों को अभी तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इस बीच, सूरज बिहारी के पिता जवाहर यादव का शुक्रवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। बेटे की दिनदहाड़े बेरहमी से हुई हत्या के बाद से वह गहरे सदमे में थे, जिससे वह उबर नहीं पाए। दुख की बात है कि सूरज बिहारी की 13वीं पुण्यतिथि की रस्में पूरी होने से पहले ही घर से एक और अर्थी उठ गई।

बेटे की हत्या के बाद जवाहर यादव टूट गए थे

परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों के अनुसार, बेटे की हत्या के बाद जवाहर यादव पूरी तरह बदल गए थे। जो आदमी कभी हर फैसले में मजबूत और शांत रहता था, वह अब चुपचाप बैठा रहता था, बार-बार अपने बेटे की तस्वीर देखता था और न्याय की बात करता था। कुछ ही दिन पहले वह सूरज बिहारी की अस्थियां विसर्जित करके लौटे थे। परिवार वालों का कहना है कि तब से उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी। उन्हें नींद न आने, बेचैनी और सीने में दर्द की शिकायत थी, जो धीरे-धीरे बढ़ती जा रही थी।

सुबह अचानक तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में मौत

शुक्रवार सुबह जवाहर यादव गुलाब बाग स्थित अपने घर पर थे। अचानक उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ और उनकी तबीयत खराब हो गई। परिवार वाले तुरंत उन्हें पास के एक प्राइवेट अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, मौत का कारण दिल का दौरा था। जैसे ही यह खबर फैली, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। घर के बाहर भीड़ जमा हो गई और परिवार वाले बेहाल थे।

कारोबारी परिवार पर दोहरी त्रासदी

जवाहर यादव को पूर्णिया के बड़े और सम्मानित कारोबारियों में से एक माना जाता था। गुलाब बाग इलाके में उनके दर्जनों गोदाम थे और मक्का और अन्य कृषि उत्पादों का उनका बड़ा कारोबार था। कहा जाता है कि उनका बेटा सूरज बिहारी धीरे-धीरे कारोबार की जिम्मेदारियां संभाल रहा था। पिता-पुत्र की जोड़ी इलाके में बहुत सम्मानित थी। इतने कम समय में एक ही परिवार में दो मौतों ने सब कुछ तबाह कर दिया है।

27 जनवरी को सूरज बिहारी हत्याकांड

27 जनवरी को सूरज बिहारी को मरंगा थाना क्षेत्र के नेवालाल चौक पर दिनदहाड़े गोली मार दी गई थी। वह वहां एक विवाद सुलझाने गए थे। चश्मदीदों के मुताबिक, बातचीत के दौरान हमलावरों ने अचानक उन पर गोलियां चला दीं। उन्हें तीन गोली लगी, जिससे मौके पर ही मौत हो गई। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया, जिससे पूरा शहर सदमे में आ गया।

हत्या के बाद पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को आरोपी बनाया। कोर्ट के आदेश पर आरोपियों के घरों पर कुर्की और जब्ती के नोटिस भी चिपकाए गए हैं। हालांकि, परिवार का आरोप है कि जांच की रफ्तार उतनी तेज नहीं है जितनी होनी चाहिए। जवाहर यादव अपने बेटे के लिए न्याय की उम्मीद में लगातार प्रशासन और पुलिस के संपर्क में थे। परिवार के सदस्यों का कहना है कि वह अक्सर कहते थे कि जब तक हत्यारों को सजा नहीं मिलेगी, उन्हें शांति नहीं मिलेगी।

भावुक हुए सांसद पप्पू यादव

इस पूरे मामले पर पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट शेयर कर जवाहर यादव को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने जवाहर यादव की मौत को सिर्फ एक सामान्य मौत मानने से इनकार करते हुए इसे सिस्टम की असंवेदनशीलता का नतीजा बताया। पप्पू यादव ने लिखा कि सूरज बिहारी के पिता जवाहर यादव की बेटे की मौत के दुख में मौत होना बेहद दिल दहला देने वाला, अकल्पनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। वह शहर के एक सम्मानित व्यवसायी, एक जागरूक नागरिक और अपने बेटे के लिए न्याय की उम्मीद में जी रहे एक टूटे हुए पिता थे।

न्याय की गुहार लगा रहे थे पिता - पप्पू यादव

पप्पू यादव ने आगे लिखा, "कुछ दिन पहले उनके बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी और तब से वह न्याय के लिए गुहार लगा रहे थे। लेकिन राज्य की अक्षम, असंवेदनशील और लापरवाह कानून व्यवस्था ने न सिर्फ एक बेटे की जान ली, बल्कि एक पिता की उम्मीद, हिम्मत और आखिरकार उनकी जिंदगी भी छीन ली। यह सिर्फ एक सामान्य मौत नहीं है, बल्कि सिस्टम की अनदेखी से हुई एक और मौत है। क्या इस परिवार को कभी न्याय मिलेगा, या प्रशासन और सिस्टम की नाकामी इस परिवार से और जानें लेगी?"

पप्पू यादव ने आखिर में लिखा, "हम गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और भगवान से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले। भगवान इस दुख की घड़ी में शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति दे। श्रद्धांजलि।"