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Marble : मध्य प्रदेश में महंगी रॉयल्टी से फीकी पड़ी मार्बल की चमक, 60 से घटकर 12 रह गईं खदानें

Marble Industry : कटनी का मार्बल उद्योग आज अस्तित्व बचाने की जद्दोजहद कर रहा है। प्रशासन भले ही जीआई टैग दिलाने की कवायद करा रहा हो, लेकिन उद्योग को राहत की संजीवनी के लिए कोई खास पहल नहीं हो रही। बहोरीबंद-स्लीमनाबाद क्षेत्र में 1999 से मार्बल कारोबार शुरू हुआ और 2010 तक उद्योग अपने चरम पर पहुंच गया। पढ़िए बाल्मीक पाण्डेय की खास रिपोर्ट।
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भारत

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Swatantra Mishra

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बाल्मीक पाण्डेय

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Oct 17, 2026

Marble industry Crisis

मध्य प्रदेश का मार्बल इंडस्ट्री संकट में (ChatGpt)

मध्य प्रदेश के कटनी का संगमरमर जैसा मार्बल दिल्ली से लेकर राजस्थान और दुबई तक पहुंचा और हजारों लोगों को रोजगार मिला, लेकिन सरकारी प्रोत्साहन की कमी, रॉयल्टी में बड़ा अंतर, पर्यावरणीय मंजूरियों की अड़चन और लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया ने उद्योग की कमर तोड़ दी। कभी करोड़ों का कारोबार करने वाला यह क्षेत्र अब सिमट गया है। हालात ऐसे हैं कि कई कारोबारी दूसरे राज्यों का रुख कर चुके हैं, जबकि शेष इकाइयां सीमित संसाधनों के सहारे कारोबार बचाने में जुटी हैं।

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